फिपल्टी–पलाम (झाबर) में मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग हुई तेज, जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
क्वीली, पालकोट, मखलोगी एवं धारअकरिया क्षेत्र की जनता ने कहा— ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज बनने से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास को मिलेगी नई दिशा
नई टिहरी, 30 जुलाई 2026। SKS News.
मेडिकल कॉलेज को फिपल्टी–पलाम क्षेत्र (झाबर) में स्थापित किए जाने की मांग अब लगातार जोर पकड़ती जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को क्वीली, पालकोट, मखलोगी एवं धारअकरिया क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने “मेडिकल कॉलेज पलाम-फिपल्टी जनसहयोग मंच” के बैनर तले जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना कोटेश्वर बांध के निकट फिपल्टी–पलाम क्षेत्र (झाबर) में की जाए, जिससे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, रोजगार एवं समग्र क्षेत्रीय विकास का लाभ मिल सके।
तीन विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज फिपल्टी–पलाम क्षेत्र (झाबर) में स्थापित किया जाता है, तो इसका लाभ केवल आसपास के गांवों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देवप्रयाग, टिहरी और नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों को भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मेडिकल कॉलेज बनने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पलायन रोकने में भी मिलेगी मदद
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन का एक प्रमुख कारण स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यदि मेडिकल कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित होता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा युवाओं का अपने गांवों से जुड़ाव मजबूत होगा।
जनप्रतिनिधियों ने इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना भविष्य में पूरे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की आधारशिला सिद्ध हो सकती है।
मुख्यमंत्री से जनभावनाओं का सम्मान करने का आग्रह
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए फिपल्टी–पलाम क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व तथा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के सहयोग से शासन एवं प्रशासन इस जनहित के विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और ग्रामीण क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन नगर पंचायत गजा के अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य चाका जोत सिंह असवाल तथा जिला पंचायत सदस्य गौसारी वार्ड ताजबीर सिंह खाती के नेतृत्व में सौंपा गया। नगर पंचायत गजा अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, प्रमुख फकोट दीक्षा राणा, कनिष्ठ प्रमुख चम्बा सरोज मखलोगा ने कहा कि जनहित में उक्त प्रस्तावित भूमि पर ही मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया जाय।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान ने कहा कि विरोधी भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जबकि बर्तमान प्रस्तावित भूमि पट्टी मखलोगी, धारअकरिया, क्वीली, पालकोट, पौडीखाल के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र में है साथ ही जीरो ब्रिज सडक से कुछ ही दूरी पर है, जाखणीधार, घनसाली से आने वाले लोग जब तक बी पुरम पहुंचते हैं उससे कम समय मे भासौं पहुंच सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य, ताजबीर सिंह खाती, जोत सिंह असवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए, स्वास्थ्य की सर्वाधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले लोगों को होती है।
ज्ञापन वालों में सुनील सिंह चौहान, भगवान सिंह चौहान, धनसिंह सजवाण, दिलबीर मखलोगा, भूपेंद्र सिंह धनोला, विक्रम सिंह रावत, देवेंद्र सिंह रावत, युद्धबीर सिंह मखलोगा, मानवेंद्र विष्ट, मदन लाल उनियाल, ईश्वरी विजल्वाण, मुकेश विजल्वाण, राहुल कुठ्ठी, रविंद्र राज, ज्योति पंत, विजयराम उनियाल, नरेश बडोनी, राजीव, पूरण सिंह, राजेन्द्र सिंह सजवाण,परमानंद विजल्वाण, रमेश बैलवाल, श्रीमती मंजू देवी, प्रियंका चौहान, रंजना चौहान, नंदनी चौहान, मंजू रावत सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।
इस अवसर पर क्वीली, पालकोट, मखलोगी एवं धारअकरिया क्षेत्र के सैकड़ों जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
Desclaimer: यह समाचार जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन और व्यक्त की गई मांगों पर आधारित है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना संबंधी अंतिम निर्णय राज्य सरकार एवं संबंधित सक्षम प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा।
