परीक्षा प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी: डॉ. धन सिंह रावत
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, परीक्षा में गड़बड़ी पर कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक होंगे जवाबदेह
देहरादून, 29 जुलाई 2026।
प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षण संस्थानों में परीक्षा प्रबंधन की संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों को विश्वसनीय परीक्षा प्रबंधन तंत्र विकसित करना होगा। भविष्य में परीक्षा संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कुलपति, कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके विरुद्ध नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश
बुधवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक कैलेंडर का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए, ताकि पठन-पाठन और प्रशिक्षण कार्यक्रम समयबद्ध ढंग से संचालित हो सकें।
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम लागू करने के निर्देश
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने प्रत्येक संस्थान में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) कैलेंडर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।
480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति में देरी पर नाराजगी
बैठक के दौरान डॉ. रावत ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में 480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव एक माह से शासन स्तर पर लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को शीघ्र भरने के भी निर्देश दिए।
निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने राजकीय पॉलिटेक्निक एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों की संस्थानवार समीक्षा करते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी से सबसे अधिक नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है। यदि किसी परियोजना में निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देश राज, निदेशक राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर अमित अग्रवाल, उत्तरकाशी एच.एस. भदौरिया, टनकपुर प्रो. एच.एल. मंडोरिया, टीएचडीसी राजकीय हाइड्रोपावर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान टिहरी के निदेशक प्रो. शरद के. प्रधान, जी.बी. पंत अभियंत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान पौड़ी के निदेशक प्रो. वी.के. बग्गा, विपिन त्रिपाठी कुमाऊ प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. संतोष कुमार, राजकीय नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान पिथौरागढ़ के निदेशक अजित सिंह, डीन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय पंतनगर एस.एस. गुप्ता, उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
