भाटूसैण बना नशामुक्ति की मिसाल: शादी-विवाह में शराब परोसने पर पूर्ण रोक, ग्राम समाज सुधार समिति का गठन
ग्राम सभा का ऐतिहासिक निर्णय—शादी-ब्याह में नहीं परोसी जाएगी शराब, रात 12 बजे के बाद नहीं बजेगा डीजे; ‘शराब नहीं संस्कार’ अभियान को मिला नया बल
चम्बा, टिहरी गढ़वाल | एसकेएस न्यूज़
टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चम्बा अंतर्गत ग्राम पंचायत भाटूसैण ने सामाजिक सुधार और नशामुक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए शादी-विवाह, मुंडन एवं अन्य मांगलिक आयोजनों में शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के सार्वजनिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत में आयोजित आम बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान जगदीश डबराल ने की। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण सामाजिक निर्णय लिए गए।
शादी-विवाह में शराब परोसने पर पूर्ण रोक
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में आयोजित शादी-विवाह, मुंडन एवं अन्य शुभ अवसरों पर सार्वजनिक रूप से शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थ नहीं परोसे जाएंगे।
इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे रात 12 बजे के बाद नहीं बजेगा, ताकि सामाजिक मर्यादा, शांति और अनुशासन बना रहे।
नियम तोड़ने वालों पर होगी पंचायत स्तर पर कार्रवाई
ग्राम सभा में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति पंचायत क्षेत्र में शराब की बिक्री अथवा सार्वजनिक रूप से शराब परोसते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने इस निर्णय को नई पीढ़ी को नशे से बचाने, सामाजिक संस्कारों की रक्षा करने तथा स्वस्थ पारिवारिक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ग्राम समाज सुधार समिति का गठन
बैठक में ग्राम समाज सुधार समिति का भी गठन किया गया।
समिति का गठन इस प्रकार किया गया—
संरक्षक: जगदीश डबराल (ग्राम प्रधान)
अध्यक्ष: अनीता कुकरेती
उपाध्यक्ष: विनोद कुकरेती
सचिव: अनुसूया देवी
सहसचिव: लक्ष्मी देवी
कोषाध्यक्ष: सविता देवी
सदस्य: नंदलाल कुकरेती, गीता डबराल, चांदनी देवी, शशी डबराल, हेमा देवी तिवारी एवं सुमिता देवी।
“खुशियां संस्कारों के साथ मनाई जाएं”
ग्राम प्रधान जगदीश डबराल ने कहा कि ग्राम पंचायत भाटूसैण लंबे समय से सामाजिक सुधार एवं नशामुक्त समाज की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसर खुशियों एवं संस्कारों के प्रतीक हैं, इसलिए इन्हें नशामुक्त एवं मर्यादित वातावरण में मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी ग्रामीणों से पंचायत के निर्णयों का पालन करने और गांव को आदर्श ग्राम बनाने में सहयोग देने की अपील की।
“शराब नहीं, संस्कार” अभियान को मिला नया संबल
‘शराब नहीं संस्कार’ मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम पंचायत भाटूसैण के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के अन्य गांव भी इसी प्रकार के निर्णय लें तो उत्तराखंड को नशामुक्त, संस्कारयुक्त और स्वस्थ सामाजिक वातावरण वाला राज्य बनाया जा सकता है।
आदर्श गांव बनाने का लिया संकल्प
नवगठित ग्राम समाज सुधार समिति ने पंचायत के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों, नशे एवं अशोभनीय आयोजनों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।
बैठक के अंत में ग्राम पंचायत, समिति और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से भाटूसैण को नशामुक्त, संस्कारयुक्त एवं अनुशासित आदर्श गांव बनाने का संकल्प लिया।
