महिला उद्यमिता की मिसाल: टिहरी की 855 ग्रामीण महिलाएं बनीं सफल उद्यमी
टिहरी के चंबा ब्लॉक की महिलाओं ने ‘उत्साह स्वायत्त सहकारिता समूह’ बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया
सैनेट्री पैड यूनिट से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में आई सुधार
टिहरी, 09 मार्च 2025:
टिहरी गढ़वाल के विकास खण्ड चम्बा के मंज्याड़गांव पंचायत की उप ग्राम कोटीगाड की महिलाओं ने ‘उत्साह स्वायत्त सहकारिता समूह’ का गठन कर महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। इन महिलाओं ने न केवल घरेलू कामों को संतुलित किया है, बल्कि अपनी आय को बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समूह के तहत महिलाएं सैनेट्री पैड के उत्पादन और अन्य स्थानीय उत्पादों के निर्माण में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जिससे वे क्षेत्र की लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर हैं।
महिला सशक्तिकरण और आर्थिक सुधार की दिशा में मजबूत पहल
समूह का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का उत्थान और आर्थिक सुधार करना है। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से इस समूह ने सैमी ऑटोमैटिक सैनेट्री पैड उत्पादन यूनिट की स्थापना की, जिसकी लागत 10 लाख रुपये रही। इसमें से 6 लाख रुपये ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना द्वारा दिए गए, 3 लाख रुपये का बैंक लोन मिला, और 1 लाख रुपये का अंशदान स्वयं समूह ने किया। इस यूनिट के माध्यम से 855 ग्रामीण महिलाओं को हर महीने सस्ते, सुरक्षित और हाईजीनिक सैनेट्री पैड्स मुहैया करवाए जा रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों के निर्माण से बढ़ रही आजीविका
उत्साह स्वायत्त सहकारिता समूह ने न केवल सैनेट्री पैड का उत्पादन किया, बल्कि आटा चक्की से मोटे अनाजों की पिसाई, मसाला चक्की से धनिया पाउडर और हल्दी जैसे मसालों का उत्पादन, और स्थानीय फलों से अचार बनाने जैसे कार्यों में भी वृद्धि की है। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री और आय में वृद्धि हुई है।
समूह की सफलता की कहानी
समूह द्वारा निर्मित सैनेट्री पैड्स की मांग महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय बाजारों में बढ़ रही है। अब तक 60,000 रुपये के सैनेट्री पैड्स बेचे जा चुके हैं, जबकि टिहरी गढ़वाल में गठित 26 कलस्टर स्तरीय फेडरेशनों द्वारा भी 500 पैक का ऑर्डर दिया गया है। समूह की महिलाओं का कहना है कि उन्हें उत्पादों के लिए बाजार में अच्छा दाम मिल रहा है, जिससे वे अधिक उत्पादन करने और अपनी आय को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
टिहरी के 9 ब्लॉकों में चल रही ग्रामोत्थान परियोजना
ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना टिहरी के 9 विकासखण्डों में चल रही है, जिसमें लगभग 12,000 परिवार जुड़े हुए हैं। इसके तहत स्थानीय महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे अपनी उत्पादकता को बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं।
