मैराफ गांव में नशा मुक्त शादी: धर्म सिंह गुनसोला की बेटी शिवांगिनी ने पेश की सामाजिक बदलाव की मिसाल
धर्म सिंह गुनसोला ने नशा मुक्त शादी कर किया सामाजिक जागरूकता का प्रयास
शिवांगिनी और राजेश की कॉकटेल मुक्त शादी ने बढ़ाई नशे के खिलाफ जागरूकता
नशा मुक्त विवाह पर सम्मानित हुई शिवांगिनी, क्षेत्र में सकारात्मक पहल
मैराफ गांव के ग्राम प्रशासक धर्म सिंह गुनसोला ने अपनी बेटी शिवांगिनी की शादी को नशा मुक्त कर समाज में एक नई मिसाल कायम की है। जाखणीधार ब्लॉक के इस गांव में संपन्न कॉकटेल मुक्त विवाह ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक बदलाव का संदेश दिया है। यह विवाह समारोह “शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा की उपस्थिति में हुआ, जिन्होंने इस प्रयास को सराहते हुए इसे सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने वाला कदम बताया।
धर्म सिंह गुनसोला ने बारातियों की पिठांई लेने से इनकार करते हुए कहा कि जब मेरे गांव में अगली नशा मुक्त शादी होगी, तब यह परंपरा निभाई जाएगी। इस अवसर पर नशा मुक्त शादी करने के लिए शिवांगिनी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिवांगिनी का विचार
दुल्हन शिवांगिनी ने बताया कि वर्तमान समय में युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं, जिससे पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने पर बुरा असर पड़ रहा है। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए उन्होंने अपनी शादी को पूरी तरह नशा मुक्त रखने का फैसला किया।
शादी समारोह में उपस्थित लोगों ने इस पहल की प्रशंसा की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी।
राड्स संस्था का सम्मान
रानीचौरी की राड्स संस्था की ओर से भी दुल्हन और उनके परिवार को नशा मुक्त शादी करने के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
