1 वर्ष बाद भी रामचंद्री देवी के परिजनों को नहीं मिला न्याय: राकेश राणा की जिलाधिकारी से भरण पोषण और रोजगार की मांग
17 जनवरी 2024 को प्रताप नगर प्रखंड के हेरवाल गांव की रामचंद्री देवी की मृत्यु के एक साल बाद भी उनके परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। कांग्रेस नेता राकेश राणा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर परिवार के लिए भरण-पोषण और रोजगार की मांग की।
रामचंद्री देवी की मौत: चिकित्सा लापरवाही का मामला
रामचंद्री देवी को प्रसव पीड़ा के बाद लमगांव चोण्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार घंटे बाद उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी रेफर किया गया, लेकिन चांठी डोबरा के पास जच्चा-बच्चा सहित उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सा में लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटी।
परिजनों की न्याय की लड़ाई: जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात
1 साल बीतने के बाद भी जब परिजनों को न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश राणा के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात की। परिवार ने भरण-पोषण और रोजगार की मांग करते हुए जिलाधिकारी से अपील की।
कांग्रेस नेता राकेश राणा का बयान: कई परिवारों को नहीं मिला न्याय
जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि प्रताप नगर विधानसभा के चोण्ड अस्पताल में इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं। कई पीड़ित परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है और न ही जिम्मेदार व्यक्तियों पर कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवारों की मदद की मांग की।
आगे की कार्यवाही: जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच होगी और परिजनों को भरण-पोषण और रोजगार की व्यवस्था के लिए कदम उठाए जाएंगे। परिजन फिलहाल प्रशासन के आश्वासन पर घर लौटे हैं, लेकिन न्याय मिलने की उम्मीद में हैं।
Conclusion: इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली और अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया है। रामचंद्री देवी के परिजन और राकेश राणा जैसे नेता न्याय की लड़ाई में डटे हुए हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन किस तरह से इस मामले में न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाता है।
