शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने केंद्रीय मंत्री को दी एनईपी-2020 के क्रियान्वयन व अन्य योजनाओं की जानकारी
स्थानीय संदर्भों को शामिल कर तैयार करें पाठ्य पुस्तकें: धर्मेंद्र प्रधान
बैठक में केंद्रीय मंत्री से राज्य के समग्र शिक्षा बजट में वृद्धि की मांग
हरिद्वार/ देहरादून, 2 मार्च 2025
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उत्तराखंड के हरिद्वार दौरे के दौरान राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के क्रियान्वयन और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रदेश के उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी बैठक में उपस्थित रहे।
एनईपी-2020 का स्थानीय संदर्भों के साथ क्रियान्वयन
बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्य पुस्तकों को स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सांस्कृतिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक पहलुओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से अपने क्षेत्र से जुड़ने का अवसर मिले।
इसके साथ ही, मंत्री प्रधान ने बाल वाटिका के संचालन और इसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उनका मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए बाल वाटिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्य में शिक्षा क्षेत्र में प्रगति और समग्र शिक्षा बजट में वृद्धि की मांग
प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री को राज्य में शिक्षा क्षेत्र में चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से एनईपी-2020 के क्रियान्वयन और उसकी प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। डॉ रावत ने राज्य में समग्र शिक्षा के बजट में वृद्धि की भी मांग की, ताकि राज्य के सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों को और सुदृढ़ किया जा सके।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य की सभी पाठ्यपुस्तकों और शिक्षा ढांचे को एनईपी-2020 के आलोक में संचालित करने का आग्रह किया। इसके अलावा, राज्य में उच्च शिक्षा के तहत दो मॉडल महाविद्यालयों और टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का अनुरोध भी किया गया, जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक स्वीकृति दी।
“हमारी विरासत एवं विभूतियां” पुस्तकों की सराहना
बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से एनईपी-2020 के तहत तैयार की गई “हमारी विरासत एवं विभूतियां” पुस्तकों की सराहना की और इस प्रकार की पहल को पूरे देश में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया।
उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. अंजु अग्रवाल, संयुक्त निदेशक एवं प्रभारी रूसा प्रो. ए.एस. उनियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल सती, प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, और एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में चल रही योजनाओं और प्रस्तावित कार्यक्रमों पर अपनी बात रखी।
