संविधान की पृष्ठभूमि और महत्व पर चर्चा; स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ का संकल्प साकार किया
देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल:
ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय, देवप्रयाग में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा चतुर्थ एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नर्वदेश्वर शुक्ला ने की, जबकि शिविर का संचालन एनएसएस इकाई के संयोजक डॉ. ओमप्रकाश द्वारा किया गया।
◾ संविधान दिवस की पृष्ठभूमि और महत्व पर परिचर्चा
शिविर का शुभारंभ करते हुए डॉ. ओमप्रकाश ने सभी शिविरार्थियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संविधान के स्वरूप, उसकी मूल भावना तथा नागरिक जीवन में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्वयंसेवकों को बताया गया कि संविधान न केवल नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का दिशा-निर्देशक है बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक रीति-नीति की बुनियाद भी है।
◾ एनएसएस द्वारा स्वच्छता अभियान
संविधान की मूल भावना—कर्तव्यनिष्ठा—को व्यवहार में लाते हुए एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर, क्रीड़ा मैदान और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने प्लास्टिक की बोतलें, रैपर, पॉलीथिन और अन्य अनुपयोगी प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया।
स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य “प्लास्टिक मुक्त भारत” के संकल्प को मजबूत बनाना था। स्वयंसेवकों ने जन-जागरूकता का संदेश देते हुए स्थानीय लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
छात्र-छात्राओं ने यह संदेश दिया कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकती हैं।
