हरेला पर्व पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया रुद्राक्ष का पौधारोपण, पीरूल संग्रहण से जुड़े समूहों को ₹22 लाख की प्रोत्साहन राशि वितरित
पीटीसी नरेंद्रनगर में हरेला पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान
टिहरी गढ़वाल, 16 जुलाई 2026 | SKS News
उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर वन प्रशिक्षण केंद्र (PTC), नरेंद्रनगर में गुरुवार को भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर वन मंत्री ने पीरूल (चीड़ की सूखी पत्तियों) के संग्रहण कार्य से जुड़े विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को ₹22 लाख की प्रोत्साहन राशि के चेक भी वितरित किए।
हरेला प्रकृति के प्रति आस्था और संरक्षण का पर्व : सुबोध उनियाल
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण छोड़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को “हरित प्रदेश” बनाने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण अभियान चला रही है, जिसमें जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।
रुद्राक्ष का धार्मिक, सांस्कृतिक और औषधीय महत्व
वन मंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष का वृक्ष धार्मिक, आध्यात्मिक एवं औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भगवान शिव से जुड़े होने के कारण यह उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान का भी अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
जलवायु परिवर्तन से निपटने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका
सुबोध उनियाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और इससे निपटने के लिए व्यापक वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। वृक्ष जैव विविधता के संरक्षण, जल एवं मृदा संरक्षण तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व के अवसर पर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा वृक्षारोपण अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हरेला पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लोकपर्व समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश देता है।
पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षों के संरक्षण की शपथ ली।
इन जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी किया पौधारोपण
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख दीक्षा राणा, नगर पालिका नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, उप जिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल, एसडीओ फॉरेस्ट किशोर नौटियाल, एसडीओ फॉरेस्ट अनिल पैन्युली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।
कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ मां के नाम” तथा “हरेला-हरित उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ हुआ।
