हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में उत्तराखंड देश में दूसरे नंबर पर, 74 लाख से अधिक रिकॉर्ड आभा आईडी से लिंक
डिजिटल हेल्थ मिशन में उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि, स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
देहरादून, 23 अप्रैल 2025:
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत उत्तराखंड ने हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। अब तक प्रदेश के 74 लाख से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को आभा आईडी (ABHA ID) से जोड़ा जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य राज्यवासियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिससे किसी भी अस्पताल में उनकी मेडिकल रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध हो सके।
डिजिटल हेल्थ मिशन में उत्तराखंड की उपलब्धियां:
1. हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में देश में दूसरा स्थान
- उत्तराखंड ने 74,14,923 हेल्थ रिकॉर्ड को आभा आईडी से जोड़ा।
- उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर, उत्तराखंड दूसरे, गुजरात तीसरे स्थान पर।
2. 70 लाख से अधिक लोगों की आभा आईडी तैयार
- प्रदेश में अब तक 70,50,119 आभा आईडी जनरेट की गईं।
- देहरादून (13.93 लाख), हरिद्वार (11.81 लाख), नैनीताल (8.79 लाख) प्रमुख जिलों में शामिल।
3. ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण में भी बड़ी प्रगति
- 6,72,796 मरीजों ने “Scan & Share” सुविधा से ओपीडी पंजीकरण कराया।
- एम्स ऋषिकेश, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर व अल्मोड़ा सहित कई अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध।
4. हेल्थ केयर प्रोफेशनल और फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन
- 8,317 हेल्थ प्रोफेशनल्स (डॉक्टर, नर्स, आशा वर्कर) पंजीकृत।
- 7,423 हेल्थ फैसिलिटीज का ABDM पोर्टल पर पंजीकरण।
5. राज्य के चार जिलों में चल रही 7 माइक्रोसाइट्स
- देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, और नैनीताल जिलों में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड का तीव्र निर्माण।
डॉ. धन सिंह रावत का बयान:
“अपेक्षाकृत कम आबादी के बावजूद उत्तराखंड का दूसरा स्थान पाना राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा लक्ष्य है कि 5 वर्ष से अधिक आयु के हर व्यक्ति की आभा आईडी बने और सभी को डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले।”
– डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जनता को क्या लाभ?
- मरीज देश के किसी भी अस्पताल में डॉक्टर से अपनी मेडिकल हिस्ट्री साझा कर सकता है।
- ई-प्रेस्क्रिप्शन, लैब रिपोर्ट, और दवाइयां ऑनलाइन प्राप्त हो सकेंगी।
- समय और संसाधनों की बचत होगी, खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार की यह पहल राज्य को डिजिटल स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अग्रणी बना रही है। आभा आईडी और हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज से मरीजों को न केवल सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुगमता भी आ रही है।
