24 घंटे में बंद हुई शराब की दुकान, सकलाना की जनता की ऐतिहासिक जीत
मरोड़ा पुल पर नियम विरुद्ध खुली दुकान के खिलाफ जनआक्रोश, महिलाओं की अगुवाई में आंदोलन; प्रशासन ने लिया त्वरित एक्शन
टिहरी गढ़वाल (सकलाना/मरोड़ा पुल)। रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’।
जौनपुर ब्लॉक की पट्टी सकलाना स्थित मरोड़ा पुल में आबकारी नियमों के विरुद्ध खोली गई शराब की दुकान को महज 24 घंटे के भीतर बंद करवा दिया गया। यह स्थानीय जनता की एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि लाइसेंसधारी विक्रेता द्वारा नियमों के विपरीत यहां मिनी शराब की दुकान खोली गई थी। जैसे ही इसकी जानकारी क्षेत्रवासियों को मिली, सुबह से ही जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
👩👩👧 मातृशक्ति बनी आंदोलन की ताकत
इस आंदोलन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका महिलाओं (मातृशक्ति) की रही—
- बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं
- नारेबाजी और प्रदर्शन किया
- शराब दुकान के खिलाफ एकजुटता दिखाई
जनता का गुस्सा बढ़ता देख प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
⚡ प्रशासन का त्वरित निर्णय
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क कर मामले से अवगत कराया।
👉 जिलाधिकारी के निर्देश पर
👉 धनोल्टी उपजिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए
👉 और 24 घंटे के भीतर दुकान बंद करा दी गई
🏆 जनता की एकजुटता बनी मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में—
✔️ जनता का विरोध
✔️ जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
✔️ प्रशासन का त्वरित निर्णय
तीनों ने मिलकर एक सकारात्मक परिणाम दिया।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के इस जनहितकारी निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की अपेक्षा जताई।
✊ जनहित के मुद्दों पर एकजुट सकलाना
सकलाना क्षेत्र पहले भी जनहित के मुद्दों पर आंदोलनों के लिए जाना जाता रहा है। यहां राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर लोग जनहित में एकजुट होकर आवाज उठाते हैं।
👥 इनकी रही प्रमुख भूमिका:
- जिला पंचायत सदस्य सीता मनवाल
- पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल
- वन सरपंच अनुसूया प्रसाद उनियाल
- कुलदीप राणा, यशपाल कंडारी, अनार सिंह नकोटी
सहित अनेक समाजसेवियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।
