ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में हिंदी विभाग ने मनाया हिंदी दिवस
देवप्रयाग: ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एवं कुशल संचालन करते हुए डॉ रंजू उनियाल (असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी) ने हिंदी दिवस मनाए जाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि हिंदी, मातृभाषा और परिष्कृत साहित्य के रूप में कैसे हमारी उन्नति के लिए सहायक है। हिंदी पर एक काव्य का पाठ भी उनके द्वारा किया गया।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एम. एन. नौडियाल (असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृत) ने हिंदी का इतिहास बताते हुए कहा कि हिंदी का एक सुदृढ़ व्याकरण ,एक सुदृढ़ इतिहास है, स्वरचित काव्य के माध्यम से उन्होंने बताया कि हिंदी में अन्य सभी भाषाओं उर्दू, मराठी, गुजराती आदि का संयोजन है जिन्हें हिंदी की बहनें कहा गया है। डॉ.आदिल कुरैशी (असिस्टेंट प्रोफेसर जंतु विज्ञान) द्वारा बताया गया कि संविधान की 22 भाषाओं में से हिंदी को भारत की राज भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होनें अपनी काव्य रचना के द्वारा हिंदी को सर का ताज बताया और कहा कि हिंदी को हमें संरक्षित करना चाहिए और इसके उत्थान के लिए प्रयास करने चाहिए।
डॉ. सृजना राणा (असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी) ने हिंदी दिवस की बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए छायावादी कवियों की रचना के माध्यम से भाषा की परिष्कृत काव्य रचना के बारे में छात्र छात्राओं को जानकारी दी। अंत में डॉ रंजू उनियाल द्वारा सभी वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक ,शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
