IPR विशेष सत्र, प्रतियोगिताएँ और पुरस्कार वितरण समारोह ने छात्रों में जगाई नई ऊर्जा — गणित विभाग वर्ष 2025 को बताया ‘सृजनशील उपलब्धियों का वर्ष’
ऋषिकेश, 27 नवम्बर 2025।
श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, पं.एल.एम.एस. परिसर, ऋषिकेश के गणित विभाग द्वारा “A Celebration of Ideas, Innovation and Mathematics – 2025” शीर्षक से भव्य वार्षिक समारोह का आयोजन गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार भावना, गणितीय प्रतिभा, अनुसंधान कौशल और बौद्धिक उपलब्धियों को एक मंच पर सम्मानित करना था।
उद्घाटन सत्र: छात्रों की प्रतिभा पर गर्व — प्रो. एम. एस. रावत
कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. एम. एस. रावत द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा—
“गणित विभाग पं. एल. एम. एस. परिसर का गौरव है। यहाँ के छात्र राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। नवाचार, शोध और ज्ञान की यह संस्कृति भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को उनकी रचनात्मकता और समर्पण के लिए शुभकामनाएँ दीं।
गणित नवाचार का मूल— डीन, संकाय विज्ञान
प्रो. एस. पी. सती, डीन, संकाय विज्ञान ने कहा—
“गणित नवाचार की जड़ है। विभाग द्वारा आयोजित व्याख्यान, संगोष्ठियों और प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में शोध-जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच का विकास होता है।”
पूर्व डीन प्रो. जी. एस. ढींगरा ने भी गणितीय सोच को आधुनिक युग में जीवन कौशल की तरह बताया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता तोमर — “गणित तर्क और रचनात्मकता की भाषा है”
विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता तोमर ने सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2025 को विभाग के लिए “अत्यंत सक्रिय और सृजनात्मक उपलब्धियों से भरा वर्ष” बताया।
उन्होंने कहा—
“गणित केवल विषय नहीं, बल्कि तर्क, नवाचार और सृजनशीलता की भाषा है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच देना है, जहाँ वे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।”
वर्ष 2025 — गणित विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ
(1) अंतरराष्ट्रीय ई-सम्मेलन RDPAM–2025
13–14 नवम्बर को आयोजित “Recent Developments in Pure and Applied Mathematics” अंतरराष्ट्रीय ई-सम्मेलन बेहद सफल रहा, जिसमें देश-विदेश के गणितज्ञों ने भाग लिया।
(2) विषय आधारित विशेष व्याख्यान (Special Lectures)
• Fundamental Concepts of Mathematics & AI
• Artificial Intelligence, Chaos & Swarm Intelligence
• Real to Complex Numbers: Empowering AI
• Fibonacci Sequence and Golden Ratio
(3) प्रतियोगिताएँ – 29 अप्रैल 2025
- निबंध प्रतियोगिता — वैदिक गणित का वर्तमान परिदृश्य
- पोस्टर प्रतियोगिता — दैनिक जीवन में गणित
- क्विज़ प्रतियोगिता — गणित का इतिहास
छात्रों की रचनात्मकता और सहभागिता अत्यंत उत्साहजनक रही।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण — IPR विशेष सत्र
श्री यासिर अब्बास, NIPAM अधिकारी (National Intellectual Property Awareness Mission) ने
“Intellectual Property Rights in Mathematics: Issues, Opportunities & Awareness” विषय पर विशिष्ट व्याख्यान दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को जानकारी दी—
• गणितीय शोध में IPR की महत्ता
• एल्गोरिद्म, मॉडल और नवाचारों का पेटेंट संरक्षण
• शोध-नैतिकता और बौद्धिक जिम्मेदारी
• कॉपीराइट, पेटेंट और ट्रेडमार्क के उपयोग
उनका व्याख्यान अत्यंत प्रेरक व ज्ञानवर्धक रहा।
छात्र प्रस्तुतियाँ — रचनात्मकता और ज्ञान का सुंदर संगम
कार्यक्रम में छात्रों ने गणित को सरल, रोचक और रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया—
• रश्मि राय — Permutation & Combination की कहानी
• शिवानी नेगी — Complex Numbers की अभिनव व्याख्या
• गीता — दैनिक जीवन में गणित के अनुप्रयोग
परिपक्व प्रस्तुति शैली ने सभी को प्रभावित किया।
पुरस्कार वितरण — 2025 के विजेताओं की घोषणा
क्विज़ प्रतियोगिता (एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर विजेता टीम)
• नितेश बथ्याल
• लकी शर्मा
• हर्षिता अग्रवाल
• प्रेरणा
निबंध प्रतियोगिता
• प्रथम — आयुष सौरव नेगी (बी.एससी. द्वितीय)
• द्वितीय — आयुषी श्रीवास्तव (एम.एससी. द्वितीय)
• तृतीय — लक्की शर्मा (एम.एससी. चतुर्थ)
पोस्टर प्रतियोगिता
• प्रथम — सोनम नौटियाल
• द्वितीय — सात्विक सेमवाल
• तृतीय — निपुण मोहन
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में निम्नलिखित वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं शोध-विद्वानों की उपस्थिति कार्यक्रम की शोभा बढ़ाती रही—
• प्रो. कंचन लता सिन्हा
• प्रो. वी. पी. श्रीवास्तव
• प्रो. संगीता मिश्रा
• डॉ. श्रीकिशन नौटियाल
• डॉ. शालिनी रावत
• डॉ. सीमा
• डॉ. एस. के. कुरियाल
• विभिन्न शोध-विद्वान
कुलपति का संदेश — विभाग को मिली उच्च प्रशंसा
माननीय कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने अपने संदेश में गणित विभाग की प्रतिबद्धता और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा—
“यह विभाग न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि नवाचार और शोध-संस्कृति के लिए भी अग्रणी है। अंतरराष्ट्रीय ई-सम्मेलन, विशेष व्याख्यान और प्रतियोगिताएँ विभाग की सक्रियता और टीमवर्क का उदाहरण हैं।”
संदेश के अंत में कुलपति महोदय ने आशा व्यक्त की कि गणित विभाग आने वाले वर्षों में भी इसी ऊर्जा, समर्पण और गुणवत्ता के साथ विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन — धन्यवाद ज्ञापन और भविष्य की रूपरेखा
समापन सत्र में डॉ. गौरव वर्श्नेय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, संकाय तथा छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“यह आयोजन गणित विभाग की एकजुटता, मेहनत और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. पवन जोशी, मोनिका सती और प्रो. दीपा शर्मा ने किया।
निष्कर्ष
गणित विभाग, पं. एल. एम. एस. परिसर, ऋषिकेश का यह भव्य आयोजन न केवल नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, शोध-रुचि और रचनात्मक ऊर्जा को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
वर्ष 2025 वास्तव में विभाग के लिए गौरवपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धियों का वर्ष रहा।

