🏥 “यू कोट वी पे” मॉडल पर 2.89 से 3.50 लाख रुपये मानदेय के सात विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी सशक्त
देहरादून | 08 जनवरी 2025
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य सरकार ने पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। “यू कोट वी पे” मॉडल के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चयनित डॉक्टरों की विभिन्न जिलों में तैनाती को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय उन क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है, जहां लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई थी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 03 दिसंबर 2025 को आयोजित साक्षात्कार के पश्चात एनेस्थेटिस्ट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा बाल रोग विशेषज्ञ पदों पर चयनित चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं उप जिला चिकित्सालय (SDH) में तैनात किया गया है। इन नियुक्तियों से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, शल्य चिकित्सा सेवाएं तथा आपातकालीन उपचार सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
🩺 जिलेवार विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती
- अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया CHC में एनेस्थेटिस्ट डॉ. आर. हेमचंद्रन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. देविका खत्री तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत गुप्ता की तैनाती की गई है।
- चमोली जनपद के गैरसैंण SDH में एनेस्थेटिस्ट डॉ. विशाल प्रताप सिंह एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा भानुदास मुरकुटे को तैनात किया गया है।
- पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल CHC में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता थपलियाल सेवाएं देंगी।
- पिथौरागढ़ जनपद के डीडीहाट CHC में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किशन सिंह महर की तैनाती की गई है।
सभी नियुक्तियां प्रारंभिक रूप से 11 माह की संविदा अवधि के लिए की गई हैं, जिन्हें कार्य निष्पादन मूल्यांकन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। चयनित चिकित्सकों को निर्धारित समय-सीमा में संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा।
🗣️ स्वास्थ्य सचिव का बयान
इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इन तैनातियों से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और रेफरल सिस्टम में सुधार होगा।
स्वास्थ्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि एनएचएम के तहत स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। इन नियुक्तियों से दूरस्थ इलाकों में वर्षों से चली आ रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे आमजन को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
राज्य सरकार प्रदेशभर की चिकित्सा इकाईयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिये संकल्पबद्ध है। एनएचएम के अंतर्गत यू कोड, वी पे योजना के तहत सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती चौखुटिया, बीरोंखाल, गैरसैण व डीडीहाट में कर दी गई है। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मरीजों को स्थानीय स्तर पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी। – .
धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।

