आस्था का प्रतीक हिमालय,
शिव नंदा जी का पावन धाम।
गगनचुंबी चोटियों में बसता है,
सुर नर ऋषि मुनियों का प्राण।
आस्था का प्रतीक हिमालय_
सदा सुरक्षा भारत की करता है,
यह प्रहरि रक्षक उच्चस्थ महान।
सदानीरा नदियों का यह उद्गम,
सदियों से रहा है जो स्वर्ग धाम।
[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”] सरहद का साक्षी @कवि:सोमवारी लाल सकलानी, निशांत[/su_highlight]
आस्था का प्रतीक हिमालय_
धार- धार के पार भाल हिमालय,
कवि कहते हैं कुदरत की शान।
ऋतु सीत समीप हिमालय आता,
देवालय यह भारतवर्ष की जान।
आस्था का प्रतीक हिमालय-
हिम पर्वत पर बर्फ कोटि युगों से,
जमती कभी यह पिघलती भी है।
गंगा मां सम सदानीरा नदिओं को,
निर्मल स्वच्छ अमृत जल देती है।
आस्था का प्रतीक हिमालय-
