नई टिहरी : श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का समापन मॉडल हाउस नई टिहरी में समापन हो गया है। सात दिवसीय ज्ञान कथा यज्ञ का विधि विधान समापन हुआ। आयोजकों श्री भगतराम डोभाल, श्री कुलानंद डोभाल, श्री सिद्धानंद डोभाल और श्री बुद्धि डोभाल के द्वारा विस्तृत भोज का भी आयोजन किया गया तथा प्रसाद वितरण के साथ साथ व्यास जी के द्वारा सुफल प्रदान किया गया। व्यास पीठ पर आसीन श्री लोहिताक्ष देव थपलियाल (मधुसूदन) ने आज ज्ञान, कर्म और सार युक्त बातें अपने प्रवचन में श्रोताओं को बतलायी।
[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी @कवि: सोमवारी लाल सकलानी, निशांत।[/su_highlight]
उन्होंने कहा “मैं मृत्यु से नहीं जन्म से डरता हूं।”(प्रह्लाद) “जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति ही मोक्ष है।” “जो भी कार्य करें वह परमात्मा के चरणों में अर्पित कर दो, यही धर्म है।” “सुखी वह है जिसमें परमात्मा के अलावा और कुछ भी नहीं है।” “दीक्षा गुरु एक होता है।” आदि । उन्होंने दृष्टांत के द्वारा श्रोताओं को समझाई और समस्त श्रोताओं का 7 दिन तक यज्ञ में सम्मिलित होने के लिए आभार व्यक्त किया और अपना आशीर्वाद दिया।
कुल पुरोहित श्री राम लाल उनियाल, श्री भास्कर उनियाल, श्री रोशनलाल उनियाल और कुशलानन्द उनियाल के अलावा आयोजकों, व्यवस्थापकों, संगीत मंडली तथा व्यवस्था में लगे हुए प्रत्येक व्यक्ति का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने तत्परता और सुसंगत ढंग से इस यज्ञ को संपन्न कराने में अपना योगदान प्रदान किया। निर्विघ्नं यज्ञ के संपन्न होने पर प्रसन्नता भी व्यक्त की।
टिहरी नगर के अनेकों गणमान्य व्यक्ति, डोभाल परिवार के बंधु- बांधव और रिश्तेदार, मातृशक्ति, समापन के अवसर पर प्रसाद ग्रहण करने के लिए यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में आए।
समापन अवसर पर भी मुझे यज्ञ में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हो गया। इस ज्ञान यज्ञ आयोजकों के द्वारा अपने माता- पिता, पूर्वजों और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए आयोजित किया गया था। मैं अपने पुफेरे भाइयों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी बुआ और फूफा जी की स्मृति में यह ज्ञान यज्ञ आयोजित करवाया।
