डिजिटल सारथी फाउंडेशन ने रवाई उत्तरकाशी में फ्रंट लाइन वर्कर को बांटे कोरोना सुरक्षा किट
सरहद का साक्षी,
उत्तरकाशी: डिजिटल सारथी फाउंडेशन ने क्लोसलूप टेक्नोलॉजीस इंडिया, कंपनी के माध्यम से कोविड19 से जुड़ी रोकथाम सामग्री स्थानीय दुर्गम स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत स्टाफ और फ्रंट लाइन वर्कर आशा कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पुरोला क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को वितरित करी।
डिजिटल सारथी के निदेशक अभिनव रावत और संस्थापक महावीर रावत जी ने पुरोला के नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी जी तथा पुरोला थाना अध्यक्ष प्रदीप तोमर के क्षेत्रीय सहयोग से क्षेत्र में दुर्गम स्वास्थ्य केंद्र जैसे राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी – कुमोला (कोरना) एवम गूंदियाट , उप केंद्र – ढकाड़ा जो नजदीक के गांवों को सवास्थ्य सेवाओं देते हैं।
डिजिटल सारथी ने पुरोला नगर पंचायत पुरोला के अंतर्गत स्वच्छ्ता कर्मी उनके अंतर्गत आशा एवम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। नजदीकी उपकेंद्र,एलोपैथिक डिस्पेंसरी तथा पुलिस कर्मियों को पीपीई किट, हैंड सेनिटाइजर,एन-95 मास्क, फेस शील्ड व दवा का वितरण किया।
उत्तराखंड के पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कोविड19 से जुड़ी गांव गांव स्तर पर आइसोलशन और संक्रमित मरीजों की सर्वेलेंस – निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
आगे चलते हुए कोविड 19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्राम स्तर पर जन जागरूकता और कोविड19 की निगरानी का कार्य आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दिया गया है, और इसके साथ पुलिस कर्मी भी स्थानीय क्षेत्रों में लॉकडाऊन को लागू कर रहे हैं तथा स्थानीय क्षेत्रवासियों को खाद्य आपूर्ति या अन्य कोई आपातकालीन ज़रूरत व सुविधाओं की मिशन हौसला के अंतर्गत आपूर्ति कर रहे हैं।
कोविड19 संक्रमण के चलते ज़रूरी है के ये फ्रंटलाइन वर्कर अपने कार्य करते हुए उचित कोविड19 रोकथाम सामग्री पहने, ताकि वे अपना कार्य को निडर होकर कर सकें।
डिजिटल सारथी फाउंडेशन के द्वारा ये सामग्री को जुटाने में
संदीप राणा, आयुष रमोला, मनदीप ने सहयोग किया।
पुरोला – रामा सेराई और कमल सेराई क्षेत्र में निम्न उपस्थित रहे: अभिनव रावत, महावीर सिंह,नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी, थाना अध्यक्ष प्रदीप तोमर सहित गजेन्द्र चौहान, गोपाल कैंतुरा, सुनैना कैड़ा, बीएल असवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’
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“खबर वही होती है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब विज्ञापन है। मकसद स्पष्ट होना चाहिए। असल मायने यह है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं। मैं न केवल कलमकार हूँ, बल्कि खबरों के छपने की नींव भी हूँ। इस व्यवस्था का हिस्सेदार हूँ, और इसे बदलने का इच्छुक भी। भावनाओं के साथ बुद्धि का संतुलन रखता हूँ, सच्चाई का साथ और झूठ का विरोध करता हूँ।“


