बैंकों को ऋण आवेदनों के सापेक्ष निस्तारण की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने जताई कड़ी नाराजगी
District Collector expressed strong displeasure over the poor settlement status of loan applications to banks
सरहद का साक्षी,
नई टिहरी: जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गरत ऋण स्वीकृति हेतु बैंकों को प्रेषित आवेदनों के सापेक्ष निस्तारण की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए आगामी बैठक में प्रगत्ति लाने के निर्देश दिए है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बैंक शाखा प्रबंधक अपने अधीनस्थ लंबित आवेदनों की स्थिति प्रारूप पर भरकर उपलब्ध कराए। इसके अलावा रेखीय विभागों सहित बैंकर्स को निर्देश दिए कि बैंक ऋण हेतु आवश्यक एवं वांछित दस्तावेजो की चेकलिस्ट आवेदक को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं ताकि आवेदक को अनावश्यक रूप से बैंकों के चक्कर न काटने पड़े।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 446 प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष 141 आवेदन स्वीकृत, 24 निस्तारित, 95 निरस्त एवं 210 आवेदन लंबित है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गरत 105 लंबित, पशुपालकों हेतु केसीसी की प्रगत्ति के तहत 3133, एनआरएलएम के 569, एनयूएलएम के 79, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली वाहन मद के 9, गैर वाहन मद के 3, होम स्टे के 18, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 39 आवेदन लंबित है। पशुधन संबंधी आवेदनों के लंबित प्रकरणों में विक्रेता व्यक्ति/फार्म संबंधी समस्या के समाधान हेतु पशुचिकित्साधिकारी को विक्रेता-खरीददार के बीच सामान्य स्थापित करते हुए बैंक शकाओं को अवगत कराने के निर्देश दिए है।
बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी बैठक में पूरी तैयारी के उपस्थित रहने के भी निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी बैठक में पूरी तैयारी के उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए है ताकि लंबित मामलों की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकर्स को यह भी निर्देश दिए कि केसीसी एवं अन्य लोनी फार्मर्स का शतप्रतिशत फसली बीमा किया जाए। स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित शाखा प्रबंधक की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके अलावा बैठक में सीडी रेश्यो, एमएसएमई, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना व भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला, जिला विकास अधिकारी आनंद भाकुनी, लीड बैंक अधिकारी डीएस डूंगरियाल, महाप्रबंधक उद्योग महेश प्रकाश, निदेशक आरसेटी विक्रम सिंह चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी सीएस राठौर, मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी डॉ डीके तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी एसएस यादव के अलावा एसबीआई, पीएनबी के अलावा अन्य बैंकों के प्रबंधक भी उपस्थित थे।
