टिहरी में 17 राज्यों से पहुंचे स्वयं सहायता समूहों ने की ढाई करोड़ की बिक्री
टिहरी/15 अक्टूबर, 2025।
ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड एवं जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में पूर्णानंद स्टेडियम, मुनिकीरेती में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय सरस आजीविका मेला-2025 का बुधवार को भव्य समापन हुआ। दस दिनों तक चले इस मेले में देशभर के 17 राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने अपने उत्पादों की बिक्री की और आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्य विकास अधिकारी वरूणा अग्रवाल ने मेले के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्रियों गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत सहित सभी जनप्रतिनिधियों, विभागों, संस्थाओं, मीडिया, स्कूली बच्चों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
समापन समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी स्वयं सहायता समूहों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
ढाई करोड़ की बिक्री, 70 लाख के ऑर्डर और 36 लाख के निवेश की प्रतिबद्धता
मुख्य विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि 06 अक्टूबर से शुरू हुए इस मेले में 175 स्टॉलों के माध्यम से लगभग ढाई करोड़ रुपये की बिक्री हुई। इनमें 15 समूह ऐसे रहे जिन्होंने डेढ़ से दो लाख रुपये तक की बिक्री की।
मेले के दौरान रोजगार मेला, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन एवं ‘गुल्लक-2’ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
- रोजगार मेला: 35 युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र मिले, जबकि 150 युवाओं को अगले चरण के लिए चयनित किया गया।
- क्रेता-विक्रेता सम्मेलन: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख रुपये के ऑर्डर बुक किए गए।
- गुल्लक-2 निवेश पिच सत्र: निवेशकों द्वारा 36 लाख रुपये से अधिक के निवेश वचन दिए गए।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका का सशक्त प्रदर्शन
मेले में भाग लेने वाले स्वयं सहायता समूहों ने हस्तनिर्मित वस्त्र, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, स्थानीय मसाले, ऑर्गेनिक सामग्री और पारंपरिक कला उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी सशक्त किया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीडीओ मो. असलम, एसडीएम नरेन्द्रनगर आशीष घिल्डियाल, ईई लघु सिंचाई बृजेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, समूह की महिलाएं, मीडिया प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सरस आजीविका मेला-2025 ने टिहरी गढ़वाल को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, बल्कि महिला स्वावलंबन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का मजबूत मंच भी प्रदान किया।
