गोल्डन कार्ड, डी.ए. विसंगतियों और ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जैसी प्रमुख समस्याओं पर हुई चर्चा; सेवा निवृत पेंशनरों ने इस वर्ष सदस्यता भी ग्रहण की
रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ | चंबा।
सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर संगठन चंबा की मासिक बैठक दुर्गा मंदिर परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष जगमोहन सिंह चौहान ने की, जिसमें सेवानिवृत्त पेंशनरों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपनी समस्याएँ रखीं। संगठन स्तर पर उनके समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही पर भी ठोस चर्चा की गई।
अध्यक्ष चौहान ने बताया कि नवंबर माह के अंत तक देहरादून में प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन की तिथि निर्धारित होते ही सभी सदस्यों को सूचित किया जाएगा। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि चंबा संगठन अधिवेशन को सफल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा।
बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत विमर्श हुआ—
- गोल्डन कार्ड की विसंगतियाँ,
- ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने हेतु कोषागार द्वारा दिए गए प्रशिक्षण,
- सेवानिवृत्त पेंशनरों के लंबित वित्तीय प्रकरण,
- तथा भविष्य में किए जाने वाले प्रयास।
महासचिव अनंत नारायण बहुगुणा ने बताया कि कोविड-19 काल के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उपादान (ग्रेच्युटी) पर 17% डीए दिया गया था, जिसके बाद यह 21% हो गया। यह लाभ उस अवधि में कई पात्र पेंशनरों को प्राप्त नहीं हुआ। अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि जल्द ही ट्रेज़री में जानकारी लेकर संबंधित पेंशनरों को उचित लाभ दिलाया जाएगा।
बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी ईश्वरी दत्त कोठारी (संरक्षक), श्याम सिंह मखलोगा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), अनंत नारायण बहुगुणा (सचिव), भगवती प्रसाद बिजल्वाण (कोषाध्यक्ष), पी.डी. थपलियाल (संगठन मंत्री), शिव सिंह राणा, जे.एस. पंवार, कुलानंद रणाकोटी, एस.एल. सकलानी (प्रवक्ता) और गुरु प्रसाद बहुगुणा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन द्वारा इस वर्ष भी कई सेवा निवृत्त पेंशनरों ने सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन और अधिक सशक्त हुआ है।
