ग्वालियर में आयोजित होने वाले पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर के लिए उत्तराखंड से चयनित हुए दो एनएसएस स्वयंसेवक — कुलपति, महिला आयोग अध्यक्ष व विश्वविद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं।
ऋषिकेश/दिनांक 05 नवम्बर, 2025।
पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के लिए आज गौरव का क्षण रहा, जब विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के दो स्वयंसेवक — शिवम राजभर (पुत्र श्री राम प्यारे राजभर) और सरोज (पुत्री श्री हरेंद्र शर्मा) का चयन पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर 2025 के लिए हुआ।
यह प्रतिष्ठित शिविर मध्य क्षेत्र, भोपाल के अंतर्गत जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) की संगठनात्मक व्यवस्था में आईटीएम विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में आयोजित किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया शिविर अधिकारी एवं विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी डॉ. गौरव वार्ष्णेय, क्षेत्रीय अधिकारी (लखनऊ) तथा राज्य संपर्क अधिकारी सुश्री सुनैना चौहान की देखरेख में संपन्न हुई। इसमें उत्तराखंड के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
तीनों जोनों — ऋषिकेश, श्रीनगर और कुमाऊँ से हुई प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के बाद, क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ द्वारा शिवम राजभर और सरोज का अंतिम चयन किया गया।
कार्यक्रम के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, विश्वविद्यालय परिसर के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, एवं वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मैन्दोला ने दोनों चयनित स्वयंसेवकों को सम्मानित किया।
श्रीमती कुसुम कंडवाल ने कहा —
“एनएसएस स्वयंसेवक युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। शिवम राजभर और सरोज का चयन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि ये दोनों छात्र-छात्रा ग्वालियर शिविर में अपनी मेहनत, संस्कार और प्रतिभा से राज्य का नाम रोशन करेंगे।”
डॉ. अशोक कुमार मैन्दोला ने कहा कि दोनों स्वयंसेवक अध्ययन के साथ-साथ अनुशासन और सेवा भावना के प्रतीक हैं। उनका चयन युवा शक्ति की राष्ट्रसेवा और संगठनात्मक क्षमता का प्रतीक है।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. एन.के. जोशी, कला संकाय अध्यक्ष प्रो. पी.के. सिंह, विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. एस.पी. सती, वाणिज्य संकाय अध्यक्ष प्रो. वी.पी. श्रीवास्तव, तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पारुल मिश्रा, डॉ. सीमा बेनीवाल और प्रो. पुष्पांजलि आर्य ने दोनों चयनित स्वयंसेवकों को हार्दिक बधाई दी।
विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि यह उपलब्धि परिसर की सक्रियता, अनुशासन और राष्ट्रीय भावना का प्रमाण है। उन्हें विश्वास है कि दोनों स्वयंसेवक आगामी शिविर में उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
