Sesame oil extracted for Akhand Jyoti in Ghantakarna Dham Ghandiyal Danda Temple
Sesame oil extracted for Akhand Jyoti in Ghantakarna Dham Ghandiyal Danda Temple
रिपोर्ट: डी.पी.उनियाल एवं नरेन्द्र बिजल्वाण,
सरहद का साक्षी,
गजा, टिहरी गढ़वाल: घण्टाकर्ण धाम घण्डियाल डांडा मन्दिर में अखण्ड ज्योति के लिए तिल का तेल निकाला गया। घंण्टाकर्ण धाम घंडियाल डांडा मन्दिर के लिए अखण्ड ज्योति जलाने के लिए भक्तों द्वारा दान किये गये तिलों से आज गजा घंंडियाल मन्दिर मे विधिवत पूजा अर्चना के बाद सुहागिनों ने तिलों को कूटकर व पिरोकर तेल निकालने का काम किया।
तिल का तेल आज पंचमी को आरम्भ
तिल का तेल आज पंचमी को आरम्भ किया गया। यह तेल आगामी 12 नवम्बर से 14 नवम्बर तक होने वाले तीन दिवशीय यज्ञ व मन्दिर गर्भगृह मे पूजा के लिए तथा उसके बाद प्रतिदिन मन्दिर मे जलने वाली अखण्ड ज्योति के लिए रहेगा। घंडियाल मंन्दिर गजा में आज मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री विजय प्रकाश विजल्वाण, श्री मान सिंह चौहान, सौंराल्या देवता के पश्वा श्री ताजबीर खाती, श्री कमल सिंह सजवाण, श्री भरपूर सिंह, श्री बैशाख सिंह चौहान, दिनेश प्रसाद उनियाल सहित अनेक भक्त उपस्थित थे ।
मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री विजय प्रकाश विजल्वाण ने बताया कि यह परम्परा हर साल आरम्भ की जायेगी। इस साल छोटी दीपावली को व उससे दो दिन पहले से पूजा का बडा कार्यक्रम रखा गया है।

घण्टाकर्ण धाम घण्डियाल डांडा मन्दिर में अखण्ड ज्योति के लिए तिल का तेल ओखली में कूट कर पिन्ना से पिरोकर निकाला गया।
सभी घण्टाकर्ण भक्तों में अटूट आस्था रखने वाले जनमानस को सूचित करते हुये हर्ष हो रहा है कि भगवान घण्टाकर्ण धाम घण्डियाल डांडा (क्वीली) में मन्दिर का जीर्णोधार का कार्य बिगत वर्षो से चल रहा है, जो की काफी हद तक जिस गति से सहयोग प्राप्त हुआ, उसी गति से पूर्णतया की ओर अग्रसर है, लेकिन काफी काम अभी भी बाकी है, इसी दौरान घंटाकर्ण देबता की इच्छा अनुसार 14 नवम्बर छोटी दिवाली को धाम का गर्भ गृह भक्तों के लिये खोल दिया जाएगा, जो कि निर्माण अवधि में प्रतिबंधित था।
घंण्टाकर्ण धाम घंडियाल डांडा मन्दिर के लिए अखण्ड ज्योति जलाने के लिए भक्तों द्वारा दान किये गये तिलों से आज गजा घंडियाल मन्दिर में विधिवत पूजा अर्चना के बाद सुहागिनों ने तिलों को कूटकर व पिरोकर तेल निकालने का काम किया। तिल का तेल आज पंचमी को आरम्भ किया गया। यह तेल आगामी 12 नवम्बर से 14 नवम्बर तक होने वाले तीन दिवशीय यज्ञ व मन्दिर गर्भगृह मे पूजा के लिए तथा उसके बाद प्रतिदिन मन्दिर में जलने वाली अखण्ड ज्योति के लिए रहेगा।

14 नवम्बर से ही शुद्ध तिल के तेल से अखण्ड जोत निरंतर विद्यमान रहेगी, जिस के लिये चार कुन्तल तिल दान दाताओं द्वारा दिये गये है। जिन से तेल पिराई का कार्य आज घण्टाकरण मन्दिर गजा से सुरुआत कर दी गयी है, जो निरंतर एक परम्परा की तरह हर वर्ष सीजन के दौरान पिराई कर के एकत्र किया जायेगा। पिराई से प्राप्त तेल वर्ष भर अखण्ड जोत जलाने मे प्रयुक्त होगा।
घंडियाल मंन्दिर गजा में आज मन्दिर समिति के अध्यक्ष श्री विजय प्रकाश विजल्वाण, श्री मान सिंह चौहान, सौंराल्या देवता के पश्वा श्री ताजबीर खाती, श्री कमल सिंह सजवाण, श्री भरपूर सिंह, श्री बैशाख सिंह चौहान, दिनेश प्रसाद उनियाल सहित अनेक भक्त उपस्थित थे।
