[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, नैनीताल/ देहरादून :[/su_highlight] उत्तराखण्ड में बरपी आसमानी आफत से नैनीताल ज़िले में काठगोदाम रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन हुई तबाह। उत्तराखंड के पहाड़ों में पिछले चौबीस घंटे से लगातार हो रही बारिश से काफी नुकसान हुआ है। नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण 9 मजदूरों समेत कुल 15 लोगों की मौत हो गयी है। रामगढ़ ब्लॉक के झुतिया सुनका ग्राम सभा में 9 मजदूर घर में ही जिंदा दफन हो गए। नैनीताल जिले के डिग्री कॉलेज मुक्तेश्वर के पास दीवार गिरने और मलबा आने से 6 मजदूर के दब जाने की सूचना मिली थी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दुखद घटना में 5 मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि 1 घायल को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
इस दैवीय आपदा में 19 अक्टूबर को डायल 112 में समय 6.20 सुबह सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चौखुटा तोक दोसापानी डिग्री कॉलेज मुक्तेश्वर के पास दीवार व मलवा आने से 06 मजदूर दब जाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर तत्काल थाना मुक्तेश्वर से आसिफ खान थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर मय पुलिस बल म.उ.नि प्रियंका मौर्य, का. राजेश कुमार, का. विजेंद्र सिंह का. विपीन शर्मा, का. उमेश राज, का. कवींद्र सिंह, का. कमल मौर्य, का. महताब राणा, HG चिंतामणि दीपक पनेरू, चालक सन्तोष भट्ट मय सरकारी वाहन मय आपदा उपकरण बचाव एवं राहत रेस्क्यू हेतु मौके पर पहुचे ।कड़ी मेहनत करते हुए रेस्क्यू लगभग 04 घंटे चलने के बाद 01 व्यक्ति को सकुशल जिन्दा निकाला गया तथा 05 व्यक्तियो के शव को मलवे से निकाला गया।
मृत व्यक्तियों के नाम पते:-
1- धीरज कुमार कुशवाहा पुत्र धीरेंद्र प्रसाद निवासी ग्राम व पोस्ट बेलवा थाना साठी जिला पश्चिमी चंपारण बिहार उम्र 24 वर्ष
2- इम्तियाज़ पुत्र नुरआलम उम्र 20 वर्ष निवासी उपरोक्त
3- जुम्मेराती पुत्र तूफानी मिया उम्र 25 वर्ष निवासी मच्छर गहवा जिला पश्चिमी चंपारण बिहार
4- विनोद कुमार पुत्र राधेश्याम उम्र 21 वर्ष निवासी माधवपुर दुल्हापुर थाना जलालपुर जिला अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश
5- हरेन्द्र कुमार पुत्र रामदार उम्र 37 वर्ष निवासी माधवपुर दुल्हापुर थाना जलालपुर जिलाअम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश
6- घायल का नाम कांशीराम पुत्र शम्भु राम उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम बेलवा थाना साठी जिला पश्चिमी चंपारण बिहार
शवो के पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही हैं।

काठगोदाम स्थित गौला बैराज का जलस्तर 1993 के बाद आज 90000 क्यूसेक पहुंच गया है, जो कि खतरे के निशान से बहुत अधिक है।
ऐसे में प्रशासन, पुलिस ने गौला नदी और उसके आसपास किनारे की तरह रहने वाले लोगों को अब पूरी तरीके से अलर्ट कर दिया है। वह किसी भी कीमत पर नदी की तरफ ना जाएं, 1993 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब गौला बैराज का जलस्तर 90000 क्यूसेक के पार पहुंचा है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के हाथ पांव फूल चुके हैं।वही गोला नदी के उफान के चलते गोला पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।स्थानीय लोगो ने पुल टूटने पर पुल से गुजर रहे लोगो को चिल्ला कर अलर्ट कर उनकी जान बचाई है।
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वही अगर लगातार बारिश ऐसे होती रही तो गौला बैराज समेत अन्य स्थानों को भी नदी द्वारा बड़े नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन पुलिस अपनी निगाह बनाए हुए हैं और पूरी तरह से अलर्ट के मोड पर है, मौसम विभाग ने उत्तराखंड को पूरी तरह से रेड अलर्ट घोषित किया हुआ है, जिसके बाद से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है और हर जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। उत्तराखण्ड को जल प्रलय से दो-चार होना पड़ रहा है।
उधमसिंह नगर में भारी बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते नानक सागर बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
देहरादून: आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत व डीजीपी श्री अशोक कुमार भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री श्री धामी ने रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी से जिले की स्थिति व यात्रा की भी जानकारी ली।





स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिशीघ्र मखलोगी प्रखण्ड के गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल प्रभावितों की क्षति का आकलन किया जाय एवं तात्कालिक प्रभाव से आपदा मद में क्षतिग्रस्त सम्पति की मरम्मत करवाई जाय। तथा कास्तकारों की फसलों का मुआवजा प्रदान किया जाय।
