जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने डूब क्षेत्रों, भूमिधरी अधिकारों और लंबित पुनर्वास मामलों पर संबंधित अधिकारियों से ली विस्तृत रिपोर्ट
📰 टिहरी | 18 जून 2025
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने जिला मुख्यालय में डूब क्षेत्र व पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। उन्होंने आवासीय और कृषि भूमि के वितरण, शिकायतों के निस्तारण, तथा भूमिधरी अधिकार से संबंधित फाइलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
जनशिकायतों के वर्गीकरण के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों को श्रेणीवार सूचीबद्ध करने को कहा, ताकि एक जैसी समस्याओं का चरणबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
पुनर्वास निदेशक ने दी विस्तृत जानकारी
अधिशासी निदेशक पुनर्वास आर.के. गुप्ता ने जानकारी दी कि:
- पथरीबाग-2, 3, 4 में पुनर्वासितों को कैंप के माध्यम से भूमि कब्जा देने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें अभी 10-12 परिवारों को कब्जा देना शेष है।
- पथरीबाग-1 में भूमिधरी अधिकार न मिलने पर कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
- ऋषिकेश में विस्थापित 7 गाँवों में से 3 गाँवों को भूमिधरी अधिकार मिल चुके हैं, 4 की प्रक्रिया प्रगति पर है।
- आईआईटी रुड़की द्वारा 14 गाँवों का ड्रोन सर्वे कर डिजिटल स्थलाकृतिक मॉडल तैयार किया गया है, जिससे भू–व्यवस्था की सटीक जांच हो सकेगी।
- हरिद्वार जिले के सुमन नगर (बहादराबाद) में 255 परिवारों ने भूमिधरी की मांग की है।
- टिहरी शहर में कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों व नागरिकों को भूमिधरी अधिकार नहीं मिल पाए हैं, जिसकी जानकारी बैठक में दी गई।
उपस्थित अधिकारी
बैठक में प्रभारी अधिकारी पुनर्वास संदीप कुमार, THDC के अधिशासी निदेशक एल.पी. जोशी, महाप्रबंधक विजय सहगल, वरिष्ठ प्रबंधक आर.पी. थपलियाल, तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
टिहरी जिले के पुनर्वास कार्यों को गति देने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए कदम प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम हैं। यह बैठक पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक सशक्त पहल मानी जा रही है।
