देहरादून पुलिस ने हरिद्वार परीक्षा केंद्र में किया सीन रिक्रिएशन, जांच में सामने आई सुरक्षा खामियां और पेपर लीक की पूरी योजना।
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद की गिरफ्तारी के बाद जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। देहरादून पुलिस ने हरिद्वार स्थित परीक्षा केंद्र में घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन किया, जिसमें खालिद ने कुछ ही सेकेंड में दीवार फांदकर कॉलेज परिसर में प्रवेश कर पुलिस को भी हैरान कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित बाल सदन इंटर कॉलेज में खालिद का परीक्षा केंद्र था। कॉलेज के दोनों ओर गन्ने के खेत हैं, जिनका फायदा उठाकर खालिद ने सेंध लगाई। पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले खालिद ने दो बार कॉलेज की रेकी की थी। इसके बाद एक रात उसने करीब साढ़े छह फीट ऊंची दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया और पुरानी बिल्डिंग में एक मोबाइल फोन छिपा दिया, जिसका इस्तेमाल पेपर लीक में किया गया।
पुलिस ने खालिद को लेकर बाल सदन इंटर कॉलेज में पूरी प्रक्रिया दोहराई। इस दौरान खालिद ने कुछ ही सेकेंड में दीवार फांदकर परीक्षा भवन के अंदर पहुँचने का तरीका दिखाया। खालिद सीधे परीक्षा कक्ष संख्या 9 में पहुंचा, जहां उसने परीक्षा दी थी।
कॉलेज परिसर के निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। दीवार ऊंची होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी। पीछे बने छोटे गेट पर निगरानी का अभाव था और खुली जगहों से किसी के भी अंदर जाने की संभावना बनी हुई थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद एक शिक्षक से पूछताछ कर उनका मोबाइल नंबर भी नोट किया और पूरे कॉलेज परिसर की बारीकी से जांच की।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक अन्य महिला आरोपी सुमन, जो परीक्षा के दौरान उत्तर भेज रही थी, पुलिस के संपर्क में है।
पुलिस के अनुसार, खालिद ने जिस आईफोन का इस्तेमाल पेपर लीक में किया था, वह अभी बरामद नहीं हुआ है। तकनीकी टीम डिवाइस की लोकेशन और डाटा रिकवरी में जुटी है। आयोग से प्राप्त OMR शीट की जांच भी की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किस तरह से नकल की गई।
पुलिस ने बताया कि खालिद पेशे से कृषक है और उसके पास गांव में करीब 8 बीघा जमीन है। वह गाय–भैंस पालन भी करता है। शारीरिक रूप से बेहद फिट होने के कारण खालिद पेपर लीक की योजना को आसानी से अंजाम देने में कामयाब रहा।
