उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता की दी गई विस्तृत जानकारी
राजकीय महाविद्यालय जखोली में देवभूमि उद्यमिता कार्यशाला आयोजित, छात्रों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
स्थान: जखोली, रुद्रप्रयाग
SKS न्यूज़ रिपोर्ट:
शनिवार को राजकीय महाविद्यालय जखोली में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय उद्यमिता कार्यशाला (ओरिएंटेशन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड शासन एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिग्विजय सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने देवभूमि उद्यमिता योजना के उद्देश्यों, स्वरोजगार के अवसरों और स्टार्टअप संस्कृति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उत्तराखंड सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न उद्यमिता कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसके अंतर्गत भविष्य में आयोजित होने वाले बूट कैंप, तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप तथा छह दिवसीय आवासीय ईडीपी (Entrepreneurship Development Program) कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार, कौशल विकास और स्वरोजगार की सोच भी आवश्यक है। उद्यमिता के माध्यम से युवा स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. नंदलाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. देवेश चंद्र, डॉ. दिनेश सिंह नेगी, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. बीना शर्मा, श्रीमती पूनम रावत, श्री बृजमोहन बुटोला महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं शिक्षकों ने भी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वरोजगार एवं स्टार्टअप संस्कृति को लेकर उत्साह व्यक्त किया। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
