उत्तराखंड में सहकारिता सेवाएं हुईं डिजिटल, डॉ. धन सिंह रावत ने लॉन्च किया आरसीएस पोर्टल
45 नव चयनित सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र, हर ब्लॉक में ‘सहकारिता ग्राम’ विकसित करने का लक्ष्य
देहरादून, 15 जून 2026 | SKS News
उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को निबंधक सहकारी समितियां कार्यालय के अत्याधुनिक आरसीएस (RCS) ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोग के माध्यम से चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों (वर्ग-2) को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़कर आमजन तक पारदर्शी और त्वरित सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों से जुड़ी अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
डॉ. रावत ने बताया कि पोर्टल पर सहकारी समितियों का पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत एवं सुझाव निस्तारण, नामांकन सत्यापन, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट प्रबंधन, सदस्यता विवरण, दस्तावेज प्रबंधन तथा एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे न केवल विभागीय कार्यों में तेजी आएगी बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवा अधिकारी विकसित भारत के ब्रांड एम्बेसडर हैं और सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
डॉ. रावत ने कहा कि सरकार की योजना प्रत्येक ब्लॉक में एक “सहकारिता ग्राम” स्थापित करने की है। इसके लिए नव नियुक्त अधिकारियों के नवाचार, समर्पण और सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
सहकारिता मंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में शीघ्र ही ब्लॉक स्तर पर 100 ऋण मेले आयोजित किए जाएंगे। इन ऋण मेलों के माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं तथा स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता सचिव डॉ. इकबाल अहमद ने कहा कि सहकारिता विभाग आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला प्रमुख विभाग बन चुका है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त अधिकारियों की भूमिका सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण होगी।
इस अवसर पर संयुक्त निबंधक मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने नव नियुक्त सहकारी निरीक्षकों को विभागीय कार्यप्रणाली, दायित्वों और अपेक्षाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सहकार बंधु शप्रदीप चौधरी, सुभाष रमोला, अनु सचिव सहकारिता सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद ए.डी. शुक्ल, संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी, रमेंद्री मंद्रवाल, उप निबंधक राजेश चौहान, मोनिका चुनेरा, सहायक निबंधक देहरादून बलवंत मनराल, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन रावत सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
