ए.आई., एम.ओ.ओ.सी.एस. और डिजिटल पेडागॉजी पर सात दिवसीय FDP का सफल आयोजन
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा के डिजिटल भविष्य की दिशा में साझा किए व्यावहारिक दृष्टिकोण
ऋषिकेश, अगस्त 2025:
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के फ़ैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर (FDC) में आयोजित “AI and MOOCs: Redefining Digital Pedagogy for the Future of Learning” विषयक सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल समापन हुआ। इस कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI), MOOCs, डिजिटल पेडागॉजी और शोध-अधिगम की नई संभावनाओं को रेखांकित किया।
देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विशेषज्ञों ने इस सप्ताह भर चले कार्यक्रम में व्याख्यान दिए, जिनमें AI टूल्स, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, इंटरनेट और वेब संरचना, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, MOOCs डिज़ाइन और SWAYAM प्लेटफ़ॉर्म जैसे विषयों को शामिल किया गया।
पहला दिन (10 अगस्त):
- प्रो. पुष्पेंद्र कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय): AI Tools for Research and Teaching – शोध और शिक्षण में एआई टूल्स का उपयोग।
- डॉ. देइवम (एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय): Empowering Educators: Navigating Digital Pedagogy and AI in Education – शिक्षण गुणवत्ता में सुधार के उपाय।
- प्रो. ममता रानी (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान): Natural Language Processing – मानव भाषा को समझने और संसाधित करने की तकनीक।
दूसरा दिन (12 अगस्त):
- डॉ. अटल बिहारी त्रिपाठी: Integrating MOOCs and Digital Pedagogy – शिक्षा को समावेशी और लचीला बनाने के उपाय।
- डॉ. अजय (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान): AI, Machine Learning, Deep Learning – न्यूरल नेटवर्क और विभिन्न क्षेत्रों में डीप लर्निंग के अनुप्रयोग।
- डॉ. कृष्ण कुमार मिहबे: Foundations of Internet and Web Browsers – डिजिटल साक्षरता के लिए इंटरनेट और वेब की मूलभूत समझ।
- डॉ. दिव्या श्रीवास्तव (AI R&D Labs, जोधपुर): AI Meets MOOCs – एआई-आधारित व्यक्तिगत और प्रभावी डिजिटल शिक्षण।
अगले दिवस (13–15 अगस्त):
मध्य दिवसों में विभिन्न विशेषज्ञों ने डिजिटल पेडागॉजी, MOOCs मॉड्यूल डिज़ाइन, AI-सक्षम टूल्स, डेटा एनालिटिक्स और स्वचालित मूल्यांकन तकनीक पर व्याख्यान दिए। प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और इंटरैक्टिव चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।
अंतिम दिवस (16 अगस्त):
- डॉ. के. थियागु (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक):
- AI Tools for Education – शिक्षकों के लिए चैटबॉट्स, एआई मूल्यांकन प्रणाली, इंटेलिजेंट ट्यूटरिंग सिस्टम।
- Learner Centered Content Development – शिक्षण को शिक्षार्थी-केंद्रित बनाने के उपाय।
- डॉ. निराधर (IGNOU):
- Structuring Online Module for MOOCs – MOOCs के लिए प्रभावी मॉड्यूल संरचना।
- Exploring MOOCs Design through SWAYAM – SWAYAM प्लेटफ़ॉर्म के कोर्सेज़ और उनकी संरचना।
समापन सत्र की मुख्य बातें
- प्रो. एस.पी. सती (डीन, साइंस फैकल्टी): एआई और MOOCs अनुसंधान और शिक्षा में नए अवसर उत्पन्न कर रहे हैं।
- प्रो. अटल बिहारी त्रिपाठी (कोर्स कोऑर्डिनेटर): प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने FDP को सफल बनाया।
- प्रो. अनीता तोमर (निदेशक, FDC): FDP ने शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा के वैश्विक मानकों से जोड़ा और शिक्षण की नई परिभाषा प्रस्तुत की।
यह सात दिवसीय FDP न केवल ज्ञान-वर्धन का मंच साबित हुआ, बल्कि इसने शिक्षकों और शोधार्थियों को भविष्य-उन्मुख डिजिटल शिक्षा और तकनीकी नवाचार की ओर प्रेरित किया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि उच्च शिक्षा का भविष्य एआई-सक्षम, समावेशी और लचीले शिक्षण में निहित है।
