श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाएं, प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस; हाई लेवल कमेटी का गठन होगा
देहरादून, 17 जून 2025।
उत्तराखंड की ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी 280 किलोमीटर लंबी नंदा देवी राजजात यात्रा के सफल संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर वर्ष 2026 की यात्रा के लिए तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए, जो यात्रा की समस्त तैयारियों का मासिक रूप से मूल्यांकन करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली यात्राओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यवस्थाएं और अधिक बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
🔧 सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान:
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए यात्रा मार्गों पर डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, हेल्पलाइन नंबर, दूरसंचार नेटवर्क, और हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य शिविर, चिकित्सकों की उपलब्धता और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।
🛣️ पैदल मार्ग, पड़ाव और पर्यावरण संरक्षण:
राजजात यात्रा के दौरान अधिकतर पड़ाव वन क्षेत्रों और उच्च हिमालयी मार्गों में होते हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पैदल मार्गों की मरम्मत, स्वच्छता, रात्रि विश्राम, भोजनालय, शौचालय, स्नानघर जैसी आधारभूत सुविधाएं समय रहते पूरी हों। वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
🧭 सांस्कृतिक विरासत और प्रचार-प्रसार:
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस यात्रा से जुड़ी लोककथाएं, लोकगीत और रीति-रिवाजों का अभिलेखीकरण (Documentation) किया जाए ताकि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को अगली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।
पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे यात्रा पड़ावों का प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करें।
🛑 भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था:
मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन, पार्किंग स्थलों, टेंट की उपलब्धता, पेयजल, और यातायात नियंत्रण को मजबूत बनाने के लिए सभी जरूरी उपायों को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों से डोलियां आती हैं, वहां भी सड़क, जल और मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
🧾 राजनीतिक और प्रशासनिक सहभागिता:
इस अहम बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेन्द्र भट्ट, विधायकगण बंशीधर भगत, अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, सुरेश गड़िया, पार्वती दास, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, और गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे सहित संबंधित जिलाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
🌍 भविष्य की दृष्टि:
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ की तैयारियां भी इसी स्तर पर चल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में नंदा देवी राजजात यात्रा और हरिद्वार कुंभ का आयोजन भव्य और दिव्य रूप में किया जाएगा।
