रामगांव-बौर भूमि नीलामी मामला: सामाजिक कार्यकर्ता अक्षत पवन बिजल्वाण ने एसडीएम को सौंपे अहम दस्तावेज, निविदा निरस्त करने की मांग तेज
भूमि नीलामी की जांच में नए तथ्य सामने आने का दावा, नियमावली एवं कानूनी दस्तावेजों के आधार पर उठाए गंभीर सवाल
टिहरी गढ़वाल, 15 जुलाई 2026 | SKS News
ग्राम पंचायत रामगांव एवं बौर की लगभग 79 नाली (1.577 हेक्टेयर) सरकारी भूमि की प्रस्तावित नीलामी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले की जांच के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अक्षत पवन बिजल्वाण ने जांच अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता को विस्तृत प्रत्यावेदन, महत्वपूर्ण दस्तावेज, नियमावलियां एवं कानूनी तथ्यों का संकलन प्रस्तुत किया है।
अक्षत पवन बिजल्वाण ने दावा किया है कि प्रस्तुत दस्तावेजों के अध्ययन से संबंधित भूमि नीलामी की निविदा प्रक्रिया प्रथम दृष्टया नियमों के अनुरूप प्रतीत नहीं होती। उन्होंने जांच अधिकारी से अनुरोध किया है कि सभी तथ्यों एवं प्रासंगिक नियमों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
निविदा निरस्तीकरण की मांग
प्रत्यावेदन में कहा गया है कि संबंधित निविदा प्रक्रिया के संबंध में विभिन्न कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर निविदा निरस्त किए जाने की मांग की गई है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों का वस्तुनिष्ठ परीक्षण कर विधिसम्मत निर्णय लिया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि यदि जांच में प्रस्तुत तथ्यों की पुष्टि होती है तो यह मामला भविष्य में सरकारी भूमि की नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं नियमसम्मत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है।
सरकारी भूमि की सुरक्षा पर दिया जोर
अक्षत पवन बिजल्वाण ने कहा कि सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसके उपयोग अथवा नीलामी की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच अधिकारी सभी उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण कर उचित निर्णय लेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में की गई कार्रवाई भविष्य में न केवल संबंधित भूमि बल्कि अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि की नीलामी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जांच जारी, प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा
वर्तमान में मामला जांचाधीन है। उपजिलाधिकारी स्तर पर प्रस्तुत दस्तावेजों एवं प्रत्यावेदन का परीक्षण किया जा रहा है। अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट एवं सक्षम प्राधिकारी के आदेश के आधार पर लिया जाएगा।
