वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने कहा – “98.5 एकड़ सरकारी भूमि जनता की अमानत, रिकॉर्ड गायब होना सबसे बड़ा भ्रष्टाचार संकेत”
✍️ रिपोर्ट: सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया – देहरादून, 07 दिसंबर 2025
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया गंभीर मुद्दा
कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में 27 नवंबर 2025 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिनव थापर ने सिडकुल IT पार्क देहरादून की 98.5 एकड़ सरकारी भूमि के आवंटन में अनियमितताओं की बड़ी परतें उजागर कीं।
इस भूमि का बाजार मूल्य ₹4,000 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है, और मामला अब उत्तराखंड के इतिहास के सबसे बड़े संभावित भूमि घोटालों में से एक के रूप में सामने आ रहा है।
2002 से 2025 तक का पूरा सरकारी रिकॉर्ड गायब
अभिनव थापर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक दिन बाद, 28 नवंबर 2025 को सिडकुल प्रशासन ने “दस्तावेज़ उपलब्ध कराने” के नाम पर केवल 2 पन्नों की नोटशीट उपलब्ध कराई—वह भी केवल 04 अक्टूबर 2002 तक की।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि 2002 से 2025 तक के सभी नोटशीट, अनुमोदन, निर्णय, आवंटन प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और सरकारी रिकॉर्ड पूरी तरह गायब हैं।
थापर का आरोप है कि इस हद तक रिकॉर्ड का गायब होना साजिशन दस्तावेज़ छिपाने, भ्रष्टाचार को ढकने और सरकारी जमीन के आवंटन से जुड़े अपराध को दबाने का स्पष्ट संकेत है।
मुख्य सूचना आयुक्त के आदेशों की अवमानना
मुख्य सूचना आयुक्त के अंतिम आदेश दिनांक 16 सितंबर 2025 में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि—
“आंवटन प्रक्रिया फाइल की संपूर्ण प्रमाणित प्रति आवेदक को उपलब्ध कराई जाए।”
लेकिन आज तक पूरी फाइल की एक भी कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, और 23 वर्षों का रिकॉर्ड अब भी लापता है। इसे थापर ने सूचना आयुक्त आदेशों की खुली अवमानना और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का बड़ा प्रमाण बताया है।
FIR, फाइल पुनर्निर्माण और स्वतंत्र जांच की मांग
इन्हीं तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने 03 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव और सिडकुल MD को पत्र भेजकर तत्काल FIR दर्ज करने, लापता फाइल पुनर्निर्माण करने और उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
“कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी” — थापर
अभिनव थापर ने कहा—
“98.5 एकड़ सरकारी भूमि जनता की अमानत है, जिसकी बाजार मूल्य लगभग ₹4,000 करोड़ है। फाइलें गायब होना, सूचना आयुक्त आदेशों की अवहेलना करना और रिकॉर्ड छिपाना एक बड़े घोटाले का संकेत है। सिडकुल को तत्काल FIR दर्ज कर, फाइल पुनर्निर्माण और स्वतंत्र जांच करवाकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है, क्योंकि यह मामला सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से सीधे जुड़ा है।
Disclaimer:
इस समाचार में उल्लिखित तथ्य, आरोप और बयान संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस, दस्तावेज़ों और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित हैं। सरहद का साक्षी डिजिटल मीडिया किसी भी आरोप, भूमि आवंटन प्रक्रिया या रिकॉर्ड गायब होने की स्वतंत्र पुष्टि या खंडन का दावा नहीं करता। समाचार का उद्देश्य केवल जनहित की सूचना और राजनीतिक घटनाक्रम की रिपोर्टिंग करना है।
