उत्तराखंड के पारंपरिक पर्व हरेला के अवसर पर चंबा में 1000 से अधिक पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में “पेड़ों के मसीहा” वृक्ष मानव विशेश्वर दत्त सकलानी को श्रद्धांजलि स्वरूप वृक्षारोपण किया गया।
रिपोर्टः @ सो.ला.सकलानी ‘निशांत’
चंबा, टिहरी: उत्तराखंड की पर्यावरणीय चेतना से जुड़ा लोकपर्व हरेला इस बार चंबा में “एक वृक्ष मां के नाम” थीम पर आयोजित बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के रूप में मनाया गया।
नगर पालिका परिषद चंबा व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिसर, बुरांसबाड़ी, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय मुख्यालय और रेड क्रॉस परिसर में लगभग 1000 पौधों का रोपण किया गया।
रेड क्रॉस परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में माननीय विधायक श्री किशोर उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर श्री उपाध्याय ने हरेला पर्व को जन-जागरूकता का वाहक बताते हुए कहा कि, “उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और प्रकृति का गहरा रिश्ता है, जिसे हरेला पर्व संजोता है।”
उन्होंने सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ द्वारा लिखित पुस्तक “पेड़ों के मसीहा” का उल्लेख करते हुए वृक्ष मानव विशेश्वर दत्त सकलानी के योगदान को याद किया, जिन्होंने अकेले दम पर 50 लाख पेड़ों का रोपण कर सकलाना क्षेत्र को हराभरा बनाया।
कार्यक्रम में पालिका अध्यक्ष शोभनी धनौला, अधिशासी अधिकारी प्रशांत कुमार चौधरी, ब्रांड एंबेसडर सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’, जगमोहन चौहान, सभी सभासदगण, और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज खत्री, विधायक प्रतिनिधि वीरेंद्र सेमवाल, वन क्षेत्राधिकारी और उनकी टीम, सभासद शक्तिजोशी, विक्रम चौहान, महेश पैन्यूली, गौरव फोंदणी, सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम के अंत में नगर पालिका परिषद की ओर से उपस्थित पर्यावरण मित्रों को डस्टबिन और पर्यावरण बैग भेंट किए गए, जिन्हें माननीय विधायक ने स्वयं वितरित किया।
