उत्तराखंड कबीना मंत्री प्रेमचंद के अभद्र टिप्पणी के खिलाफ प्रवासी उत्तराखंडियों का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
दिल्ली के राजघाट पर उत्तराखंड प्रवासी संगठन का बड़ा विरोध, मंत्री के इस्तीफे की मांग, गिरफ्तारी और लाठीचार्ज के बाद तनावपूर्ण माहौल
दिल्ली, 03 मार्च: उत्तराखंड कबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा उत्तराखंड मूलनिवासियों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन द्वारा 02 मार्च को एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के राजघाट से शुरू हुआ, जिसमें दिल्ली के पहाड़ी मूलनिवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया और सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर राजेंद्र नगर थाना भेजा गया।
विरोध प्रदर्शन
राजघाट पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन, उत्तराखंड मूलनिवासियों के खिलाफ की गई मंत्री प्रेमचंद की कथित टिप्पणी के खिलाफ था। इस मौके पर उत्तराखंड प्रवासी संगठन के पदाधिकारियों और आंदोलनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें भी हुईं, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंदोलनकारियों को बसों में भरकर थाने ले गई।
गिरफ्तारी और ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने में भी विरोध जारी रखा, जहां संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन थाने के एसएचओ को सौंपा। इस ज्ञापन में मंत्री प्रेमचंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। दिनभर के हंगामे और विरोध के बाद पुलिस ने सभी आंदोलनकारियों को शाम को रिहा कर दिया।
प्रमुख उपस्थितियां और संगठन की भूमिका
इस विरोध प्रदर्शन में महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन (MDUPS) के सभी प्रमुख पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी, महासचिव मुकेश खंतवाल, सचिव बीरेन्द्र पटवाल, प्रधान हरपाल मनराल, कानूनी सलाहकार एडवोकेट महावीर सिंह फरस्वार्ण, कोषाध्यक्ष हरेंद्र रावत और प्रवक्ता रविंद्र रावत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, संगठन के मीडिया टीम के सदस्य रोहित रावत, विकास ढौंडियाल, दीपक रावत, अनिल पंत, मनोज द्विवेदी, लक्ष्मी नेगी और रेखा भट्ट भी इस आंदोलन में शामिल थे।
पुलिस लाठीचार्ज और विरोध का व्यापक असर
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने राजेंद्र नगर थाना ले जाकर कई घंटों तक हिरासत में रखा, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया। आंदोलनकारियों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया।
