देहरादून में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में औषधि नियमन में तकनीकी मजबूती, नियामक सुधार और अधिकारियों के क्षमता निर्माण पर हुआ मंथन |
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा—हर दवा होनी चाहिए सुरक्षित और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित
देहरादून | 17 मई 2025: राजधानी देहरादून स्थित खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कार्यालय में शनिवार को दवा नियमन प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने और नियामक अधिकारियों के क्षमता निर्माण हेतु एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का आयोजन ड्रग कंट्रोल ऑफिसर्स (आई) वेलफेयर एसोसिएशन एवं डीसीजीआई डब्ल्यूयू उत्तराखंड चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस कार्यक्रम में औषधि नियमन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड शासन के सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) व आयुक्त, एफडीए, डॉ. आर. राजेश कुमार ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “दवाओं की गुणवत्ता स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज के विश्वास से भी जुड़ी है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि बाजार में उपलब्ध हर दवा सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक मानकों पर खरी उतरे। नियामक अधिकारियों को तकनीकी रूप से सशक्त और अद्यतन बनाए रखना आवश्यक है।”
कार्यशाला में अतिरिक्त आयुक्त (खाद्य एवं औषधि) ताजदार सिंह जग्गी, पूर्व एफडीए नियंत्रक (हरियाणा) एन.के. आहूजा, डीसीजीआई (आईडब्ल्यूयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोठेवर राव, महासचिव बलेन्द्र चौधरी सहित अन्य विशेषज्ञ व गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु:
तकनीकी अपडेट अनिवार्य — कोठेवर राव
मुख्य वक्ता कोठेवर राव ने कहा कि औषधि नियंत्रण अधिकारियों को विधिक ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी नवाचारों से भी अपडेट रहना चाहिए ताकि वे प्रभावी नियमन सुनिश्चित कर सकें।
जीएमपी विश्लेषण और लेबलिंग पर सत्र — एन.के. आहूजा
पूर्व नियंत्रक एन.के. आहूजा ने जीएमपी (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस), दवा नमूनों के विश्लेषण और लेबलिंग मानकों पर व्यावहारिक जानकारी दी।
नियमन प्रणाली होगी पारदर्शी — ताजदार सिंह जग्गी
ताजदार सिंह जग्गी ने कहा, “उत्तराखंड में औषधि नियंत्रण व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए विभाग, विशेषज्ञों और उद्योग के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है।”
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार ने किया। समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ।
