उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ बाजार में उतारेगा ‘हिमाला जल’, 3 हजार करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य: डॉ. धन सिंह रावत
देहरादून, 18 सितम्बर 2025।
उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देते हुए राज्य सहकारी संघ अब व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार पर जोर दे रहा है। सहकारी संघ का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 3 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर हासिल करना है। इसी कड़ी में संघ जल्द ही अपना बोतलबंद पानी ‘हिमाला जल’ नाम से बाजार में उतारेगा।
सहकारी सम्मेलन में बड़े ऐलान
देहरादून के निरंजनपुर सहकारी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में सम्मेलन के दौरान सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि—
- वर्तमान में सहकारी संघ का टर्नओवर लगभग 500 करोड़ रुपये है।
- अब लक्ष्य इसे बढ़ाकर 3 हजार करोड़ तक ले जाने का है।
- इसके लिए सहकारी संघ कई नई व्यावसायिक योजनाओं पर कार्य कर रहा है।
‘हिमाला जल’ से मिलेगा स्थानीय को वैश्विक पहचान
डॉ. रावत ने कहा कि हरिद्वार जिले में मिनरल वाटर प्लांट स्थापित किया जाएगा और वहां से ‘हिमाला जल’ ब्रांड के तहत बोतलबंद पानी बाजार में लांच होगा।
- इस पहल से उत्तराखंड की प्राकृतिक शुद्धता और हिमालयी जल की पहचान पूरे देश-दुनिया में बनेगी।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
नए उद्योग और 500 सहकारी क्रय केंद्र
सहकारी संघ द्वारा आगामी समय में—
- ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइज़र उत्पादन इकाई
- फिनायल निर्माण इकाई
स्थापित की जाएगी।
इसके साथ ही 500 सहकारी क्रय केंद्र प्रदेशभर में खोले जाएंगे।
- इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अनाज, फल और सब्जियों का उचित मूल्य सीधे गाँव स्तर पर मिलेगा।
- बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा।
नवरात्रों में 100 करोड़ की योजनाएँ
मंत्री रावत ने बताया कि आने वाले नवरात्रों में 100 करोड़ रुपये की नई व्यवसायिक योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा।
- राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में ‘माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती’ के तहत बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का कार्य चल रहा है।
- उत्तराखंड के पारंपरिक कृषि उत्पाद—लाल चावल, कौणी, झंगोरा, मंडुवा और मिलेट्स—को ब्रांडिंग के साथ वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की योजना है।
महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों के लिए योजनाएँ
डॉ. रावत ने कहा—
- महिलाओं को 21,000 रुपये तक का बिना गारंटी और 0% ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। समय पर भुगतान करने पर यह सीमा 51,000 और फिर 1,00,000 रुपये तक बढ़ाई जाएगी।
- वरिष्ठ नागरिकों को भारत दर्शन और चारधाम यात्रा हेतु 21,000 रुपये का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा।
- मेधावी विद्यार्थियों को MBBS और तकनीकी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय बैंकों से कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण दिलाने की योजना है।
राज्यभर में सहकारी मेले
3 अक्टूबर से 30 दिसम्बर तक राज्य के सभी 13 जनपदों में सात दिवसीय सहकारी मेले आयोजित होंगे।
- इन मेलों का उद्देश्य 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ना है।
- सदस्यता पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से भी किया जाएगा।
लाभार्थियों को मिला ब्याजमुक्त ऋण
सम्मेलन के दौरान जिला सहकारी बैंक हरिद्वार की ओर से लाभार्थी समूहों को चेक वितरित किए गए।
- महिला स्वयं सहायता समूह ‘आनंद’ और ‘लक्ष्य’ को तीन-तीन लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया गया।
- ‘गंगा’ और ‘जारा’ समूहों को एक-एक लाख, जबकि ‘सरोज’ को तीन लाख रुपये का ऋण मिला।
कार्यक्रम में हुई विशेष भागीदारी
कार्यक्रम में सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने कहा कि 3000 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में सहकारबंधु, अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व अध्यक्ष मातवर सिंह रावत, प्रदीप चौधरी, उमेश त्रिपाठी, अनुपम कौशिक (NCEL), जेपी सिंह (BBCL), संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, सहायक निबंधक राजेश चौहान, मोनिका चुनेरा, त्रिभुवन रावत, और जीएम रेशम फेडरेशन मातवर कंडारी मौजूद रहे।
👉 ‘हिमाला जल’ और अन्य सहकारी व्यापारिक योजनाएँ न केवल सहकारिता आंदोलन को नई गति देंगी बल्कि किसानों, महिलाओं और युवाओं की आर्थिक मजबूती का भी आधार बनेंगी। यह पहल उत्तराखंड की पारंपरिक उत्पादकता और प्राकृतिक संपदा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
