थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा से चंबा में जनप्रतिनिधियों ने पुलिस से की मुलाकात
चंबा में जनप्रतिनिधियों ने पुलिस से की मुलाकात, हेलमेट चालान व पार्किंग व्यवस्था पर हुई चर्चा
📰 चंबा | रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
नगर क्षेत्र चंबा में कानून-व्यवस्था एवं यातायात से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा से मिला। शिष्टमंडल ने नगर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालान और पार्किंग अव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से थानाध्यक्ष को अवगत कराया।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि नगर क्षेत्र में स्थानीय दुकानदार एवं नागरिक अपने निजी कार्यों हेतु बिना हेलमेट बाजार में आवागमन करते हैं। ऐसे में शहर के भीतर आने-जाने पर हेलमेट चालान से छूट देने की मांग रखी गई।
इसके साथ ही कॉलेज रोड पर सड़क के दोनों ओर दुपहिया वाहन खड़े किए जाने पर आपत्ति जताई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे आम नागरिकों, छात्र-छात्राओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
🚨 थानाध्यक्ष का स्पष्ट संदेश
थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि आम जनता को सुविधा देना पुलिस का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि—
“नागरिकों को असुविधा न हो, यही मित्र पुलिस का मूल ध्येय है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
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सड़क की सफेद पट्टी के भीतर वाहन खड़ा करने,
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यातायात नियमों का उल्लंघन,
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नशे की हालत में वाहन चलाने
पर कठोर कार्रवाई और चालान अनिवार्य रूप से किए जाएंगे।
थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि शहर से कुछ दूरी पर मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
🤝 व्यवस्था सुधार में सहयोग की अपील
थानाध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय व्यापारियों से अपील की कि वे नगर की सुव्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें, ताकि दुर्घटनाओं और अव्यवस्था से बचा जा सके।
👥 शिष्टमंडल में शामिल रहे
प्रधान दिनेश भंडारी की अध्यक्षता में मिले प्रतिनिधिमंडल में—
प्रधान जसपाल नेगी,
प्रधान विजेंद्र सकलानी,
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र रावत,
पूर्व सभासद शिव प्रसाद उनियाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे।
🚔 कोतवाली दर्जा मिलने के बाद बदली चंबा की तस्वीर
उल्लेखनीय है कि चंबा थाना को कोतवाली का दर्जा मिलने के बाद ऊर्जावान थानाध्यक्ष विपिन बहुगुणा की तैनाती से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार—
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नशेड़ी और असामाजिक तत्व अब नाममात्र ही दिखाई देते हैं,
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थानाध्यक्ष जितने सख्त अनुशासनप्रिय हैं, उतने ही जन-सुविधाओं के प्रति संवेदनशील भी हैं।
स्वच्छता, साइबर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर उनकी मजबूत पकड़ उनके संकल्प और कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा रही है।
