चारधाम यात्रा 2025: धामी सरकार का खाद्य सुरक्षा पर कड़ा रुख, मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई
स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए धामी सरकार ने शुरू किया विशेष अभियान | पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
Dehradun:आगामी चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और पर्यटन सीजन के मद्देनजर, उत्तराखंड की धामी सरकार ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार ने स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की है। राज्य के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट पर सख्ती और स्वच्छता मानकों का पालन कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर इस अभियान को गति दी गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सख्त तैनाती:
सरकार ने चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख तीर्थस्थलों पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी और अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की है। हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून जैसे प्रमुख जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उत्तरकाशी, चमोली, और रुद्रप्रयाग जैसे यात्रा स्थलों पर खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब की व्यवस्था की गई है।
मिलावट पर कड़ी कार्रवाई:
सरकार ने दूध, मसाले, तेल, मिठाई और पैक्ड फूड जैसे उत्पादों पर कड़ी नजर रखी है। मिलावट पाए जाने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। बिना लाइसेंस के खाद्य व्यापार करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रीन यात्रा और पर्यावरण संरक्षण:
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्गों पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। गीले और सूखे कचरे के प्रबंधन के लिए डस्टबिन और कचरा प्रबंधन के कड़े नियम लागू किए गए हैं। RUCO (Re-Purpose of Used Cooking Oil) अभियान के तहत उपयोग किए गए खाद्य तेल को पुनःचक्रित किया जाएगा।
यात्रियों के लिए जागरूकता अभियान:
सरकार ने यात्रियों से केवल FSSAI लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की है। संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 18001804246 जारी की गई है।
सरकार की अपील:
मुख्यमंत्री ने कहा, “स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और यात्रियों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलें, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।”
