टिहरी बांध द्वितीय चरण की पम्प स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) यूनिट शुरू होने पर दी बधाई
नई टिहरी: टिहरी बांध द्वितीय चरण की पम्प स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) यूनिट शुरू होने पर प्रदेश प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस शान्ति प्रसाद भट्ट ने टीएचडीसी परिवार के मुख्य प्रबंध निदेशक (CMD) श्री आर के विश्नोई एवं प्रबंध निदेशक(ED) श्री एल पी जोशी और पूरी टीम को बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि नेहरू गांधी का सपना साकार हो रहा है।
कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के मंत्रालय ने 1961 में टिहरी बांध परियोजना का सर्वे कर लिया था, 1972,1978 में परियोजना निर्माण को अंतिम रूप मिल गया अनेकों झंझावतों के बाद टिहरी बांध ने 29 अक्टूबर 2005 को देश को बिजली, पीने का पानी, सिंचाई का पानी, उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया था,और अब द्वितीय चरण की पम्प स्टोरेज यूनिट शुरू होने से देश को और अधिक बिजली मिल पाएगी,विद्युत उत्पादन में हमारा देश और अधिक सम्पन्न होगा।
इस अथक मेहनत वाले कार्य के पूर्ण होने पर हम अपने दूरदर्शी नेताओं जो अब हमारे बीच में नहीं है किंतु उनकी दूरदर्शी विकासपरक देश हित की सोच आज भी जिंदा है,आदरणीय पंडित जवाहरलाल नेहरू जी, श्रीमती इंदिरा गांधी जी, श्री राजीव गांधी जी का स्मरण कर उन्हें शत शत नमन करता हूं।
इस अवसर पर टिहरी, उत्तरकाशी जिले के उन हजारों प्रभावित/विस्थापित परिवारों का हम अंतर्मन से आभार व्यक्त करते है, जिन्होंने खुशी खुशी अपने खेत खलिहान देश की उन्नति प्रगति के लिए बांध निर्माण के लिए सहर्ष दे दिए थे।
टिहरी में मेडिकल कॉलेज पर CMD श्री आर विश्नोई जी के वक्तव्य का हम स्वागत करते है, हमने (प्रतिपक्ष कांग्रेस पार्टी ) ने विगत माह नई टिहरी में प्रेस वार्ता कर लगभग यही वक्तव्य दिया था, किंतु तब भाजपा के नेता हमे अंग्रेजी सिखा रखे थे अब हमारा उनसे आग्रह है वे पहले हिंदी राष्ट्र भाषा को ठीक से पढ़ना लिखना और समझना सीख लें , मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हो NMC के मानक पूर्ण हो,NMC की स्वीकृति मिले, भूमि का चयन हो, जिन काश्तकारों का कई वर्षों से भूमि पर काश्त कब्जा है उन्हें उचित प्रतिकर मिले और मेडिकल कॉलेज निर्मित हो यही हमारी मंगलकामना है।
भारत सरकार,उत्तराखंड सरकार, निदेशक पुनर्वास, टीएचडीसी से आग्रह है कि अब टिहरी बांध प्रभावितों विस्थापितों की समस्याओं का खुले मन से निस्तारण करे, सबसे पहले पात्रता निर्धारण का मानक शीघ्र बदल कर “जिस किसी काश्तकार की 40%भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है, उन्हें पूर्ण पात्र विस्थापित माना जाय और विस्थापन की कट ऑफ डेट 29 अक्टूबर 2005 की जाय जिस दिन टिहरी बांध की अंतिम सुरंग बंद हुई थी, पूर्ण पात्र विस्थापन की एवज में पूर्व की कांग्रेस सरकारों की भांति पात्र विस्थापित परिवार को दस बीघा कृषि भूमि और 200वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड आवंटित किया जाय। या एक मुश्त दस करोड़ रुपए दिए जाए। जिन काश्तकारों के खिलाफ टीएचडीसी उच्च या उच्चतम न्यायालय में गई हुई है उनके मुकदमे वापस लेकर उन्हें राहत दे।
बधाई देने वालों में शान्ति प्रसाद भट्ट, कुलदीप पंवार, मुरारीलाल खंडवाल, मान सिंह रौतेला नरेंद्र सिंह राणा, रमेश लाल, मुर्तजा बेग आदि शामिल हैं।
