टिहरी में ग्राम्य विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, मंत्री भरत चौधरी ने दिए दिशा-निर्देश
महिलाओं को उत्पादन इकाइयों में प्राथमिकता, कीवी, बुरांश और प्लम आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
टिहरी गढ़वाल, 14 मई 2026।
जनपद टिहरी गढ़वाल में गुरुवार को ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने कलेक्ट्रेट सभागार में की। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने मंत्री भरत चौधरी, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय एवं विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह का शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
बैठक में मंत्री भरत चौधरी ने जनपद में संचालित ग्राम्य विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न उत्पादन इकाइयों में प्रशिक्षित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्कूल ड्रेस एवं अन्य संस्थानों के लिए बड़े स्तर पर सिलाई और परिधान निर्माण इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्राफ्ट्समैन द्वारा कटिंग और महिलाओं द्वारा स्टिचिंग एवं फिनिशिंग कार्य किए जाने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंत्री ने टिहरी जनपद में कीवी की खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही उन्होंने मालू के पत्तों के उपयोग को बढ़ावा देने और यात्रा मार्गों पर ताजे पत्तों की प्लेटों में भोजन परोसने जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं को विकसित करने की बात कही।
उन्होंने प्लम के तेल उत्पादन के लिए नए प्लांट स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि इस उत्पाद की विदेशों तक मांग है और इससे स्थानीय लोगों को अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है। इसके अलावा लिंगड़ा को पूर्णतः ऑर्गेनिक उत्पाद बताते हुए उसके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर बल दिया। मंत्री ने बुरांश के रस को बिना चीनी एवं पानी मिलाए प्राकृतिक रूप में तैयार कर आकर्षक पैकेजिंग एवं वैल्यू एडिशन के माध्यम से बाजार में उतारने की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि बेकरी उद्योग उत्तराखंड में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने बेकरी उत्पादों के लिए काउंटर सेल व्यवस्था विकसित करने के प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत जनपद में गठित 23,848 लखपति दीदी समूहों, कृषि एवं गैर कृषि आधारित उद्यमों से जुड़े 25,880 सदस्यों तथा “मेरा ब्लॉक, मेरी योजना” के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों के स्टॉल की जानकारी दी। उन्होंने अल्ट्रा पुअर पैकेज के तहत पशुपालन, सिलाई, जनरल स्टोर आदि गतिविधियों के लिए दिए गए आर्थिक सहयोग की भी जानकारी साझा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यमशील योजना, दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना, पलायन रोकथाम योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।
इससे पूर्व जिला विकास अधिकारी मो. असलम ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकासखंडवार गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिलंगना विकासखंड में मसाला उत्पादन यूनिट, चंबा में सब्जी उत्पादन एवं पारंपरिक कृषि, थौलधार में वेदावी हर्बल टी, मशरूम एवं मत्स्य पालन, नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, जौनपुर में बेकरी उत्पाद एवं प्लम मिशन तथा प्रतापनगर में पोल्ट्री, डेयरी एवं धूप उत्पादन से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
बैठक में राज्य मंत्री खेम सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, चंबा नगर पालिका अध्यक्ष शोभनी धनोला, पूर्व विधायक विजय सिंह पंवार, भाजपा मीडिया प्रभारी राजेंद्र डोभाल, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष राणा, एसडीएम कमलेश, उद्यम विभाग से शैली डबराल, सभी बीडीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
