नागराजाधार विद्यालय में करियर काउंसलिंग कार्यशाला आयोजित, छात्रों को भविष्य के लिए मिला मार्गदर्शन
शिक्षाविद् सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ बोले – रुचि, प्रतिभा और कौशल के अनुसार करें करियर का चयन
चंबा, 14 मई 2026।
राजकीय इंटर कॉलेज नागराजाधार (बमुंड) में छात्र-छात्राओं के भविष्य निर्माण को लेकर करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता शिक्षाविद् सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने विद्यार्थियों के साथ विस्तृत संवाद करते हुए रोजगार, शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि करियर काउंसलिंग का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना है। बच्चों की दुविधा को दूर कर उनकी रुचि, उत्सुकता, क्षमता और विवेक के अनुसार उचित मार्गदर्शन देना ही वास्तविक करियर काउंसलिंग है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इंटरमीडिएट के बाद प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा अथवा स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप निर्णय लें तथा बिना सोचे-समझे दूसरों की देखा-देखी न करें। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की बेहतर जानकारी और समझ हो, उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
ज्ञान, विद्या और कौशल में अंतर समझाया
शिक्षाविद् ‘निशांत’ ने कहा कि ज्ञान, विद्या और कौशल तीन अलग-अलग विषय हैं तथा कौशल विकास व्यक्ति की बुद्धि और रोजगार क्षमता को मजबूत करता है। उन्होंने छात्रों को समय-समय पर गुरुजनों और अनुभवी लोगों से सलाह लेने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विज्ञान, मानविकी और वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थियों को अपनी दक्षता एवं विषयानुसार आगे की शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने का सुझाव दिया।
स्वरोजगार में भी अपार संभावनाएं: राकेश बहुगुणा
कार्यशाला में वैदिक मेडिकल संस्थान के प्रधानाचार्य राकेश बहुगुणा ने छात्रों को अर्जित ज्ञान और योग्यता के आधार पर विषय चयन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं और विशेष रूप से बालिकाएं इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान भी आज की आवश्यकता बन चुका है।
विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ: प्रधानाचार्या
विद्यालय की प्रधानाचार्या कुशला बगड्वाड़ी ने कहा कि समय-समय पर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को क्षेत्र के विद्वानों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम संयोजक यशपाल सिंह रावत ने करियर काउंसलिंग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं व्यवहारिक विकास के लिए सही दिशा मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के तीन विद्यार्थी वर्तमान में निशुल्क नीट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
एंटी ड्रग्स और साइबर जागरूकता पर भी चर्चा
दिलसा टिहरी से अधिकार मित्र गुड्डी रावत ने विद्यालय में एंटी ड्रग्स यूनिट का स्थायी बैनर स्थापित किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों को नशे, साइबर अपराध एवं लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में सत्येंद्र यादव, गंगा प्रसाद बड़थ्वाल, निशा सकलानी, विनोद कुमार, एस. चौहान सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
