वित्त आयोग अध्यक्ष एन. रवि शंकर ने योजनाओं के समन्वय पर दिया जोर, पंचायत प्रतिनिधियों ने रखीं सोलर प्लांट, कूड़ा निस्तारण, गौशाला और आपदा प्रबंधन से जुड़ी मांगें।
नई टिहरी (28 मई 2025)।
जिला सभागार, नई टिहरी में बुधवार को छठे राज्य वित्त आयोग के तत्वावधान में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ एक विचार-विमर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में आयोग के दायित्वों, पंचायतों की भूमिकाओं, अधिकारों एवं वर्तमान क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. रवि शंकर ने कहा कि सभी पंचायतें अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं का विवरण संबंधित विभागों को सौंपें, ताकि उनका एकीकरण जिला योजना में किया जा सके।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिनमें शामिल हैं:
- कूड़ा निस्तारण हेतु अधिक वाहन उपलब्ध कराना
- गौशाला निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था
- आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त बजट
- सोलर प्लांट की स्थापना
- पलायन रोकने के उपाय
- खेती को बढ़ावा देने की नीति
- भूमिधरों द्वारा भूमि बंजर छोड़ने की समस्या
- शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता
- सुचारू पेयजल आपूर्ति हेतु ठोस नीति
- आपदा प्रबंधन हेतु पर्याप्त धनराशि की मांग
कार्यशाला में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला पंचायत प्रशासक सोना सजवाण, ब्लॉक प्रमुख प्रशासक राजेन्द्र भण्डारी (नरेन्द्रनगर), सीता रावत (जौनपुर), प्रभा बिष्ट (थौलधार), शिवानी बिष्ट (चंबा), प्रदीप रमोला (प्रतापनगर), बसुमती घणाता (भिलंगना), सुनीता देवी (जाखणीधार), पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीडीओ मोहम्मद असलम, संबंधित बीडीओ, ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत के प्रशासक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य की पंचायती व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाना तथा योजनाओं के कार्यान्वयन में एकरूपता लाना रहा।
