📍 टिहरी | दिनांक: 31 मई, 2025
🚀 🤝 समन्वय, नवाचार और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को मजबूती देने पर हुआ मंथन; सीडीओ वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
नई टिहरी।
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (पूर्व नाम: रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर) के अंतर्गत शुक्रवार को विकास भवन सभागार, नई टिहरी में एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती वरुणा अग्रवाल ने की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था — ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं लखपति दीदियों को स्थानीय संसाधनों के आधार पर सफल उद्यमी बनने के लिए समुचित मार्गदर्शन, नवाचार और विपणन सहयोग प्रदान करना।
💡 स्थानीय व्यवसायों के विकास पर जोर
सीडीओ ने कहा कि “नियमित कार्यशालाओं का आयोजन ग्रामीण उद्यमिता विकास के लिए आवश्यक है। सभी विभागों को समन्वय के साथ उद्यमियों के व्यवसाय को प्रगति की ओर ले जाना चाहिए।” उन्होंने व्यवसाय वृद्धि में आ रही चुनौतियों और विपणन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं एक्सपर्ट मार्गदर्शन को ज़रूरी बताया।
🧵 सभी आजीविका आधारित विभागों का साझा प्रयास
कार्यशाला में पर्यटन, उद्यान, उद्योग, कृषि, मत्स्य, पशुपालन सहित अन्य आजीविका आधारित विभागों से अपेक्षा की गई कि वे मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को निचले स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित करें।
यह भी सुझाव दिया गया कि उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ करने हेतु विपणन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण और सहयोग बढ़ाया जाए।
🧠 नवाचार और एक्सपर्ट नेटवर्किंग की आवश्यकता
कार्यशाला में कहा गया कि इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सहयोग से ग्रामीण उद्यमियों को बाजार से जोड़ने और लघु व दीर्घकालीन उद्यमों के साथ जोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए। इससे उद्यमियों को नवाचार, उत्पाद विविधता, गुणवत्ता और ग्राहक संबंध प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
👥 कार्यशाला में रही व्यापक भागीदारी
इस अवसर पर पीडी डीआरडीए श्री पी.एस. चौहान, डीडीओ मोहम्मद असलम, इनक्यूबेशन मैनेजर श्री दिग्विजय सिंह, राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इकाई से श्री गुलशन कुमार रोहिला, सहित विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
