नई टिहरी में बैठक कर बनी रणनीति, देहरादून में प्रदेश स्तरीय धरना और सचिवालय कूच का एलान
टिहरी | 11 जनवरी 2026
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, टिहरी गढ़वाल की एक आवश्यक बैठक रविवार को नई टिहरी में प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने की। बैठक में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर 15 जनवरी से 13 मार्च 2026 तक चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में आंदोलन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई तथा सभी विभागों में कर्मचारियों को एकजुट करने का आह्वान किया गया।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम
बैठक में निम्न आंदोलनात्मक कार्यक्रमों पर सहमति बनी—
- 15 जनवरी से 31 जनवरी 2026
👉 गेट मीटिंग के माध्यम से जन-जागरण अभियान
👉 पहली गेट मीटिंग उद्यान विभाग कार्यालय में - 7 फरवरी 2026
👉 जनपद स्तर पर धरना
👉 जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषण - 21 फरवरी 2026
👉 देहरादून में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन - 22 फरवरी से 31 मार्च 2026
👉 क्षेत्रीय विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा - 13 मार्च 2026
👉 देहरादून में प्रदेश स्तरीय रैली
👉 परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
बैठक में अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, जिला मंत्री जयवीर रांगड़, संरक्षक सतेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष विनय बहुगुणा, उपाध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद सेमवाल, संयुक्त मंत्री अजयपाल पंवार, ऑनलाइन माध्यम से विधि सलाहकार रतन सिंह शाह, उपाध्यक्ष वीरू शाह, मीडिया प्रभारी पंकज उनियाल सहित अन्य कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की 18 सूत्रीय प्रमुख मांगें
- समस्त सेवाकाल में पदोन्नति न पा सकने वाले कर्मचारियों को 10, 18 व 26 वर्ष पूर्ण होने पर एसीपी के अंतर्गत पदोन्नत वेतनमान दिया जाए।
- गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत कैशलेस इलाज की व्यवस्था सभी पंजीकृत चिकित्सालयों में लागू की जाए तथा शेष भुगतान का भार सरकार वहन करे।
- वेतन समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियों का समाधान किया जाए।
- 10 वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ दिया जाए।
- वाहन भत्ता वृद्धि का लाभ सभी पात्र कर्मचारियों को दिया जाए तथा यात्रा भत्ता दरों में संशोधन किया जाए।
- विभागों में पुनर्गठन एवं सेवा नियमावली संशोधन को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
- एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
- आठवें वेतन आयोग के संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
- न्यायालयों के आदेशानुसार पेंशन व ग्रेच्युटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
- चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े लंबित प्रकरणों के लिए वित्त विभाग द्वारा स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए।
- समस्त कर्मचारियों को पुलिस कर्मियों की भांति सुविधाएं प्रदान की जाएं।
- 30 जून व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए।
- अन्य राज्यों की भांति सेवानिवृत्ति कटौती में समानता लागू की जाए।
- राज्य कर्मचारियों को भी केंद्र के समान मकान किराया भत्ता दिया जाए।
- पदोन्नति एवं सेवा नियमावली संशोधन हेतु मुख्य सचिव स्तर पर बैठक आयोजित की जाए।
- सभी शासकीय, अशासकीय एवं सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को राज्य कर्मियों के समान सुविधाएं दी जाएं।
- कर्मचारी संगठनों से वार्ता एवं मांग पत्रों पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
- आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की सेवा सुरक्षित की जाए।
कर्मचारियों ने दिया आंदोलन को मजबूती का संकल्प
बैठक के अंत में कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है, तो प्रस्तावित आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए है।
