स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 19 गांवों की महिलाओं को जोड़ा, जैविक व स्थानीय उत्पादों से आर्थिक सशक्तिकरण
गजा (टिहरी गढ़वाल) डी पी उनियाल:
प्रधानमंत्री के लोकल फॉर वोकल अभियान को धरातल पर साकार करती हुई गौंसारी (गजा) की कृष्णा चौहान आज क्षेत्र की एक सफल लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। भीमल शैम्पू, नीम व भीमल साबुन सहित अनेक जैविक एवं स्थानीय उत्पादों के निर्माण व विपणन से उन्होंने न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि दर्जनों गांवों की महिलाओं को भी आजीविका का मजबूत साधन उपलब्ध कराया है।
कृष्णा चौहान का यह प्रेरणादायी सफर उन्नति स्वयं सहायता समूह, प्रगति संगठन और सर्वोदय स्वायत्त सहकारी समिति, न्याय पंचायत बिरोगी से प्रारंभ होकर विकासखंड स्तर तक इंटरनल प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (IPRP) बनने तक पहुंचा। वर्तमान में वे उन्नति महिला समूह गौंसारी की अध्यक्ष हैं, जबकि सचिव भारती चौहान और कोषाध्यक्ष रीना देवी हैं।
इसी प्रकार प्रगति संगठन में अध्यक्ष कृष्णा चौहान, सचिव रीता देवी और कोषाध्यक्ष उषा देवी के नेतृत्व में महिला समूहों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आर्थिक मजबूती हासिल की है।
19 गांवों की महिलाएं जुड़ीं, लाखों का वार्षिक टर्नओवर
न्याय पंचायत बिरोगी के अंतर्गत 19 गांवों के महिला समूहों को एकजुट करते हुए अध्यक्ष मुन्नी देवी, सचिव रीना एवं कोषाध्यक्ष ममता देवी ने लोकल से वोकल उत्पादों का सामूहिक संकलन एवं विपणन प्रारंभ किया, जिससे अब लाखों रुपये का वार्षिक टर्नओवर सृजित हो रहा है।
गजा में आउटलेट, लोकल उत्पादों की भरमार
नगर पंचायत गजा में स्थित महिला समूहों की आउटलेट दुकान पर भीमल शैम्पू, नीम व भीमल साबुन, सिलबट्टे का नमक, माल्टा, पुदीना व आंवला जूस, आंवला–तिमला–लहसुन–आम–नींबू के अचार, मंडुवा, झंगोरा, मक्की का आटा, तोर, गहथ, राजमा, नौरंगी दालें, जूट बैग सहित अनेक अन्य स्थानीय उत्पादों का नियमित विक्रय किया जा रहा है।
7 प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख का ऋण, मजबूत हुई आर्थिक स्थिति
कृष्णा चौहान ने बताया कि समूहों के विस्तार के लिए बैंक से 20 लाख रुपये का सीसीएल ऋण मात्र 7 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया है, जिससे महिला समूहों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ हुई है।
विकासखंड चंबा स्तर पर आईपीआरपी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहीं कृष्णा चौहान को अब तक विभिन्न कार्यक्रमों में एक दर्जन से अधिक प्रशस्ति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना से उन्हें और समूह की अन्य महिलाओं को अत्यधिक लाभ मिला है और यह योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही है।


