श्रीमद्भागवत कथा सभी वेदों का सार है, इसे सुनने से मनुष्य जन्म जन्मांतर के पाप से मुक्त हो जाता है: सुनील उनियाल
चम्बा: श्रीमद्भागवत कथा सभी वेदों का सार है, इसे सुनने से मनुष्य तृप्त होता है और जन्म जन्मांतर के पाप से मुक्त हो जाता है, साथ ही कथा सुनने या किसी भी शुभ काम को करवाने या करने के पीछे का उद्देश्य परम लक्ष्य की प्राप्ति ही होता है।
कुजनी पट्टी के अंतर्गत लमयाली गांव में आयोजित यशपाल रावत एवं चम्बा नगर पालिका की पूर्व सभासद श्रीमती मंजू रावत, दरमियान रावत द्वारा अपने पिता स्वर्गीय धूम सिंह रावत एवम पित्रों की सद्गति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक श्री सुनील उनियाल द्वारा कही गयी।
कथा कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि श्रीमदभागवत कथा में साधन-ज्ञान, सिद्धज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।
भागवत कथा में परब्रम्ह भगवान श्रीकृष्ण जी की जीवन गाथा का वर्णन किया है और जनम से लेकर अंत तक जो जो अभिनव लीलाएं भगवान ने रची उसका वर्णन है। दुष्ट और अशुभ शक्तियों का विनाश किया है, कर्म के अनुसार भक्ति प्रेमदेकर दुष्टोंको दंड दिया है ऊनका संहार किया है।
चंबा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह पंवार ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से आध्यात्मिक विकास और भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है।
पौराणिक कथाओं में भी भागवत कथा सुनने की महिमा का बखान मिलता है। भागवत कथा सुनने से व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है। यह भगवान के प्रति भक्ति को गहरा करता है और व्यक्ति को मोक्ष की ओर ले जाता है।कार्यक्रम के आयोजक श्री यशपाल रावत जी द्वारा सभी महानुभावों का कृष्ण पटिका पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के मंडलअध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष रविन्द्र राणा, संजय मैठाणी, विनोद नौटियाल, जगवीर सिंह महर, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, चन्द्र प्रकाश नौटियाल, संजय रावत, आनंद मोहन सकलानी, बुद्धि सिंह पंवार, महिपाल नेगी,श्रीमती राखी राणा, कुंवर सिंह चौहान, सहित सेकड़ो लोग उपस्थित थे।
