पूर्णानंद स्टेडियम मुनिकीरेती में चल रहे दस दिवसीय सरस मेले के छठवें दिन महिला सशक्तिकरण, जेंडर समानता, घरेलू हिंसा और बाल संरक्षण जैसे विषयों पर कार्यक्रम; बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर नाटक ने दिया प्रेरक संदेश।
टिहरी/दिनांक 11 अक्टूबर, 2025।
पूर्णानंद स्टेडियम मुनिकीरेती, टिहरी गढ़वाल में जारी दस दिवसीय सरस मेला-2025 उत्तराखंड की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन गया है। मेले में देश-प्रदेश के 173 स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, जो महिला उद्यमिता और ग्रामीण स्वावलंबन की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
इनमें जनपद टिहरी गढ़वाल सहित उत्तराखंड के सभी जिलों के 128 समूह और अन्य राज्यों जैसे पंजाब, उड़ीसा, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ के 45 समूह शामिल हैं। विविधता से भरे इस मेले ने उत्तराखंड की धरती पर हस्तशिल्प, हस्तकला और स्थानीय उत्पादों की अनूठी झलक प्रस्तुत की है।
🌸 महिला सशक्तिकरण और बाल संरक्षण पर प्रेरक आयोजन
मेले के छठवें दिन शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती वरुणा अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों द्वारा रंगारंग बेबी शो आयोजित किया गया, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा उत्तराखंडी पारंपरिक परिधानों की झलक प्रस्तुत करते हुए एक आकर्षक परिधान प्रतियोगिता आयोजित की गई।
🎭 नुक्कड़ नाटक से दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश
कार्यक्रम में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर आयोजित नुक्कड़ नाटक ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हर बेटी समाज की प्रगति की धुरी है, और उसकी शिक्षा एवं सुरक्षा पूरे राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला है।
⚖️ जेंडर समानता और घरेलू हिंसा पर हुई गोष्ठी
मेले के मंच पर जेंडर समानता, घरेलू हिंसा और बाल संरक्षण जैसे संवेदनशील विषयों पर एक सार्थक गोष्ठी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और महिला अधिकारों की सुरक्षा पर विचार रखे।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लाभार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
👩💼 उपस्थित अधिकारीगण और संचालन
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) श्री संजय गौरव, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शशि बिष्ट, सुपरवाइजर किरण राणा, निर्मला एवं सीमा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन महेश गुसाईं द्वारा किया गया।
🌾 सरस मेले का उद्देश्य और प्रभाव
सरस मेले का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और पारंपरिक कारीगरी को नई पहचान देना है। मेले में हस्तनिर्मित वस्त्र, पहाड़ी खाद्य उत्पाद, हस्तकला, जैविक कृषि उत्पाद, और बांस-लकड़ी के शिल्प आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले ने स्थानीय स्व-सहायता समूहों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया, जहां उनके उत्पाद न केवल प्रदर्शित हो रहे हैं बल्कि खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी स्थापित हो रहा है।


