21 सितंबर 2025 को आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर एकल सदस्यीय जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी; आयोग की सिफारिश पर परीक्षा निरस्त, सीबीआई जांच से होगी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल।
देहरादून, 11 अक्टूबर 2025।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा दिनांक 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा को राज्य सरकार ने निरस्त (Cancel) करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता पर उठे सवालों के मद्देनजर लिया गया है।
इस परीक्षा में प्रदेशभर से हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा के पश्चात अनेक जिलों से प्रश्नपत्र लीक और अनुचित साधनों के प्रयोग की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके बाद सरकार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था।
🏛️ जांच आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी
राज्य सरकार द्वारा गठित इस एकल सदस्यीय जांच आयोग की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी कर रहे हैं। आयोग ने अल्प समय में व्यापक जनसुनवाई करते हुए अभ्यर्थियों, विभागीय अधिकारियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य और सुझाव एकत्र किए।
शनिवार को आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को प्रस्तुत की। रिपोर्ट में परीक्षा प्रक्रिया में पाए गए कई तकनीकी एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया, जिनके आधार पर परीक्षा को रद्द किए जाने की संस्तुति की गई।
🗣️ मुख्यमंत्री धामी ने दी निष्पक्ष जांच का भरोसा
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयोग ने बहुत ही कम समय में विस्तृत जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों की भावनाओं को सुना है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी मेहनती युवक-युवती के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति पहले ही की जा चुकी है ताकि पूरे मामले की पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने दोहराया —
“सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में ऐसी कोई भी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए ठोस प्रणालीगत सुधार किए जा रहे हैं।”
⚖️ आयोग का उद्देश्य और आगामी कदम
जांच आयोग अब विस्तृत रिपोर्ट पर कार्य कर रहा है, जिसमें परीक्षा संचालन प्रक्रिया, प्रश्नपत्र निर्माण, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था, तथा तकनीकी निगरानी प्रणाली का गहन विश्लेषण शामिल है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार आयोग की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, ताकि जिम्मेदारों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
📢 अभ्यर्थियों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया
परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने सरकार के इस निर्णय का मिश्रित प्रतिक्रिया के साथ स्वागत किया है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि यह निर्णय निष्पक्ष जांच और भविष्य की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए आवश्यक था, जबकि कुछ ने अपनी मेहनत और समय की हानि को लेकर चिंता व्यक्त की।
सरकार की ओर से कहा गया है कि नई परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी और अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
🧾 पृष्ठभूमि (Background):
- परीक्षा तिथि: 21 सितंबर 2025
- आयोजन संस्था: उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC)
- उद्देश्य: राज्य के विभिन्न विभागों में स्नातक स्तर के पदों की भर्ती
- शिकायतें: प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा केंद्रों में अनुशासनहीनता, अनुचित साधनों के प्रयोग
- कार्रवाई: एकल सदस्यीय जांच आयोग (न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी) का गठन
- परिणाम: परीक्षा निरस्त एवं सीबीआई जांच की संस्तुति
