सशक्त बहना उत्सव में दिखी महिलाओं के हुनर और स्थानीय उत्पादों की समृद्ध झलक
नागराजा स्वयं सहायता समूह की सीमा भंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किया संवाद, समूह की 10 महिलाएं बनीं लखपति दीदी
टिहरी/24 अगस्त, 2026। टिहरी जिले में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं के हुनर, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों की समृद्ध झलक देखने को मिली। कलेक्ट्रेट परिसर टिहरी सहित जनपद के सभी विकासखंडों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए स्टॉल लगाए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से उनके समूहों की गतिविधियों, स्थानीय उत्पादों, बिक्री, कारोबार और उद्यम संचालन में सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली तथा उनके प्रयासों का उत्साहवर्धन किया।
नागराजा समूह की सीमा भंडारी ने मुख्यमंत्री से साझा की सफलता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकासखंड चंबा के नागराजा स्वयं सहायता समूह की सदस्य सीमा भंडारी से संवाद किया।
सीमा भंडारी ने बताया कि उनके समूह में कुल 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। समूह द्वारा ऑर्गेनिक आउटलेट का संचालन किया जा रहा है, जहां मसाले, रोजमेरी सहित विभिन्न जैविक एवं स्थानीय उत्पाद तैयार कर बिक्री की जा रही है।
उन्होंने बताया कि समूह का वार्षिक कारोबार लगभग 9 से 10 लाख रुपये है। समूह से जुड़ी सभी 10 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। समूह की इस उपलब्धि की मुख्यमंत्री ने सराहना की और महिलाओं को आगे भी उद्यम को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया।
टिहरी झील पर्यटन से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टिहरी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। टिहरी झील और आसपास आयोजित होने वाले विभिन्न पर्यटन एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने उत्पादों को पर्यटन स्थलों, विभिन्न आयोजनों और आउटलेट के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाएं। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने के साथ महिलाओं की आय में भी वृद्धि हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी बांध और टिहरी झील के कारण बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक जिले में पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय उत्पादों को पर्यटन, बाजार और डिजिटल माध्यमों से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को और मजबूत किया जा सकता है।
स्वयं सहायता समूह बन रहे महिला आत्मनिर्भरता का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं अपने स्थानीय हुनर और संसाधनों को व्यवसाय में बदल रही हैं।
नागराजा स्वयं सहायता समूह की उपलब्धि इसका उदाहरण है कि यदि महिलाओं को समूह के माध्यम से सहयोग, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध हो तो वे न केवल स्वयं की आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि अपने गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती हैं।
स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री बनी आकर्षण का केंद्र
सशक्त बहना उत्सव के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर सहित सभी विकासखंडों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार के स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। इनमें जैविक उत्पाद, मसाले और स्थानीय स्तर पर तैयार की गई सामग्री प्रमुख रही।
कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्टॉलों का निरीक्षण कर महिलाओं से उनके उत्पादों एवं व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
महिलाओं को बाजार से जोड़ना जरूरी: डीआरडीए
परियोजना प्रबंधक डीआरडीए ज्योति ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी लेना और उनका उत्साहवर्धन करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलता है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर भी तैयार होते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को पर्यटन स्थलों, स्थानीय बाजारों और अन्य बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक डीआरडीए ज्योति, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की जानकारी ली और उनकी खरीदारी कर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।
