सोशल अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले छात्रों को मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति ने किए सम्मानित
दो माह के प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को प्रदान किए प्रमाण पत्र, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों और नवाचार आधारित उद्यमिता का मिला व्यावहारिक अनुभव
देहरादून, 27 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया
मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति द्वारा आयोजित सोशल अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के अंतर्गत पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी, देहरादून के विद्यार्थियों को दो माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज सेवा एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
दो माह तक समिति के साथ जुड़े छात्रों ने सोशल अप्रेंटिसशिप के माध्यम से ग्रामीण विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा सामाजिक नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों की मिली प्रेरणा
प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें केवल सामाजिक कार्यों की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि यह भी सिखाया कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर किस प्रकार स्वरोजगार स्थापित किया जा सकता है और अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि समिति द्वारा वेस्ट प्लास्टिक का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) कर आकर्षक गृह सज्जा सामग्री तैयार की जा रही है। इसके साथ ही सूखे फूलों एवं गौ-गोबर से पर्यावरण अनुकूल धूपबत्तियां बनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
विद्यार्थियों ने इसे आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।
समिति के कार्यों की सराहना
छात्रों ने समिति के अध्यक्ष संजय बहुगुणा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया और समाज के लिए कार्य करने की नई प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ इस प्रकार का व्यवहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी मजबूत करता है।
शुभकामनाएं देकर किया सम्मानित
इस अवसर पर उद्यमी सुषमा बहुगुणा ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि युवा यदि स्थानीय संसाधनों पर आधारित नवाचार और उद्यमिता को अपनाएं तो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के छात्र आयुष भट्ट, अक्षत दीप रावत, आदित्य कठैत, प्रणव डोभाल, ग्रंथ पंवार सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।
