11 जनवरी 2026 को पटेल नगर में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जाएगा लोहड़ी पर्व
देहरादून: उत्तराखंड के सबसे पुराने सामाजिक संगठनों में से एक हजारा बुणजाई बिरादरी 1950 (पंजी.) द्वारा वार्षिक लोहड़ी महोत्सव को भव्य, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित करने के उद्देश्य से कार्यकारिणी सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिरादरी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आयोजन की विस्तृत रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हजारा बुणजाई बिरादरी वर्ष 1947 से निरंतर देहरादून में लोहड़ी पर्व का आयोजन करती आ रही है, जिसके माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाता रहा है। बिरादरी सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण हेतु निरंतर सक्रिय भूमिका निभाती रही है।
बिरादरी के प्रचार मंत्री एवं मीडिया प्रभारी अभिनव थापर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष लोहड़ी पर्व 11 जनवरी 2026 को पटेल नगर, देहरादून में पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक-संस्कृति और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोहड़ी अलाव, लोकगीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाले विविध आयोजन शामिल रहेंगे।
उन्होंने बताया कि बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी, ताकि यह पर्व सभी वर्गों के लिए स्मरणीय याद बन सके।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का सशक्त प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में बिरादरी के अध्यक्ष पवन चंडोक, अभिनव थापर, सचिन विज, संजय उप्पल, सतीश कक्कड़, अभिषेक तलवार, बाबूराम सहगल, संजीव पूरी, प्रद्युम्न कक्कड़, प्रदीप सुदी, संजय सुदी, धीरज ओबेरॉय, योगेश नंदा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में सभी सदस्यों ने लोहड़ी महोत्सव को भव्य, सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
